ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी के नए तरीकों से भारतीय उपभोक्ताओं को बड़ा खतरा बना हुआ है। डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर खरीदारी करते समय लोग धोखेबाजों के शिकार बन रहे हैं।
नकली वेबसाइटें और फर्जी ऑनलाइन स्टोर सबसे आम धोखाधड़ी के तरीके हैं। ये साइटें असली प्लेटफॉर्मों की तरह दिखाई देती हैं लेकिन पैसा लेने के बाद गायब हो जाती हैं। खरीदार को न तो सामान मिलता है और न ही पैसा वापस।
फिशिंग ईमेल का खतरा
धोखेबाज फर्जी ईमेल भेजकर ग्राहकों की बैंक और क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराते हैं। ये ईमेल असली कंपनियों की तरफ से आने का दावा करते हैं। ग्राहक लिंक पर क्लिक करके अपनी संवेदनशील जानकारी दे देते हैं।
सावधानियां बरतें
विशेषज्ञ सुझाते हैं कि हमेशा सुरक्षित और स्थापित प्लेटफॉर्मों पर ही खरीदारी करनी चाहिए। वेबसाइट का पता ध्यान से जाँचें और HTTPS से शुरू होने वाली साइटों को प्राथमिकता दें। किसी भी अनजान ईमेल में दी गई लिंक पर क्लिक न करें।
व्यक्तिगत जानकारी कभी भी ईमेल या संदेश से साझा न करें। OTP और पासवर्ड किसी से भी कहें। अपने बैंक खाते की नियमित जाँच करते रहें और संदिग्ध लेनदेन की तुरंत रिपोर्ट करें।