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वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने शिष्यों को विरोध में संयम रखने की सीख दी

निंदा और अपमान को भगवान की कृपा मानकर भक्ति पर ध्यान देने का संदेश दिया।

वृंदावन के आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज शिष्यों को शिक्षा देते हुए।

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने अपने साधकों और शिष्यों को विरोध के दौरान संयम बनाए रखने की सीख दी है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों का सामना करते समय चुप रहना और धैर्य बनाए रखना चाहिए।

संत ने संदेश दिया कि समाज में अपमान, निंदा और तिरस्कार सहना पड़े तो उसे भी भगवान की विशेष कृपा के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने साधकों को समझाया कि जब जीवन में विपरीत हालात आएँ तो किसी भी परिस्थिति में धैर्य न खोएँ।

महाराज ने अपनी शिक्षा में कहा कि दूसरों के विरोध या आलोचना का जवाब देने की जगह अपने आचरण, साधना और भक्ति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अपमान के समय मन को शांत रखना और अहंकार से दूर रहना जरूरी है।

संत की इस महत्वपूर्ण शिक्षा का एक वीडियो सामने आया है, जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम में एक पहली बार के लिए आए थे।