उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में प्रॉपर्टी डीलर रोहताश उर्फ रौतान सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान विकास उर्फ विशाल के रूप में हुई है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
यह मुठभेड़ रविवार, 1 नवंबर 2026 की रात करीब 11:15 बजे, थाना हाईवे क्षेत्र के पालीखेड़ा-महोली मार्ग पर हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से आ रहा था। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने लगा और कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया
28 अक्टूबर को हुई थी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या
मामला मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के महोली गांव का है। यहां 28 अक्टूबर की रात प्रॉपर्टी डीलर रोहताश उर्फ रौतान सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों और रोहताश के बीच शराब पीने के लिए रुपये मांगने को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि रुपये देने से इनकार करने पर पहले मारपीट हुई और फिर रोहताश को गोली मार दी गई।
पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों के नाम सामने आने की जानकारी दी थी। हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी विकास उर्फ विशाल की तलाश की जा रही थी।
पुलिस को मुखबिर से मिली थी सूचना
मथुरा पुलिस के अनुसार, रविवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी पालीखेड़ा से महोली की ओर आने वाले रास्ते पर मौजूद है।
इसके बाद थाना हाईवे पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी और चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की काली स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर एक व्यक्ति आता दिखाई दिया।
पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन वह कथित तौर पर भागने लगा। पुलिस का कहना है कि पीछा किए जाने पर आरोपी ने टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। इस दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान बरामद करने की जानकारी दी है:
- एक देशी तमंचा .315 बोर।
- तमंचे में फंसा एक खोखा कारतूस।
- दो अतिरिक्त खोखा कारतूस।
- एक जिंदा कारतूस।
- काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी।
घायल विकास उर्फ विशाल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ कर रही है।
पहले भी दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस हत्याकांड में पुलिस इससे पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। 30 अक्टूबर को सलेमपुर-महोली मार्ग पर मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों मनोज और कंचन को गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में मनोज के दाहिने पैर में गोली लगी थी।
इसके अलावा 31 अक्टूबर को पुलिस ने आरोपियों को कथित तौर पर शरण देने के आरोप में पप्पू सिंह नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गोवर्धन क्षेत्र के जतीपुरा में उसके यहां रुके थे।
सात नामजद आरोपियों के मामले में जांच जारी
पुलिस के सामने अब हत्याकांड में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि हत्या से पहले विवाद किस तरह बढ़ा, हथियार किसने उपलब्ध कराया और वारदात में किसकी क्या भूमिका थी।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के अनुसार, मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।