Skip to content
24/7 News Uttar Pradesh
Breaking
Breaking

प्रेमानंद के शिष्य की मौत बनी पहेली: शिष्य चुप, खून से सने सबूतों ने बढ़ाए सवाल

आश्रम के अन्य साधकों के नाम-पते खंगाल रही पुलिस, फोरेंसिक टीम कर रही ग्राइंडर और डायरी की जांच

वृंदावन आश्रम में मौत मामले की जांच करते पुलिसकर्मी
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की मौत के मामले में पुलिस अब आश्रम के अन्य साधकों से पूछताछ कर रही है। दीपक के साथ रहने वाले शिष्यों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है।

दीपक ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बारह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर जान दी थी। पुलिस के मुताबिक उन्होंने पहले खुद को घायल किया और फिर छत से कूद गए।

ग्राइंडर, मोबाइल और डायरी की जांच

कमरे से मिले मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, डायरी और खून से सने ग्राइंडर को जांच के लिए भेजा गया है। घटनास्थल के आसपास दर्जन भर से अधिक जगहों से फिंगरप्रिंट और नमूने लिए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक टीम पड़ताल कर रही है।

पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जांच में तेजी आएगी। फिलहाल दीपक के साथ रहने वाले जुगल शरण से पूछताछ की जा रही है।

शिष्यों की चुप्पी बनी अड़चन

पुलिस के अनुसार आश्रम के साधक सवालों पर चुप्पी साध लेते हैं और कहते हैं कि उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। वृंदावन सीओ संदीप सिंह ने बताया कि टीम मामले की व्यापक जांच कर रही है।

सीओ ने कहा कि आश्रम के जिम्मेदार लोगों से भी जानकारी ली जाएगी, ताकि पता चल सके कि दीपक ने किसी पदाधिकारी को अपनी परेशानी कभी बताई थी या नहीं। उन्होंने कहा कि सामान्यत: व्यक्ति अवसाद में आत्महत्या करता है, लेकिन इस मामले में स्थिति अलग है।

पोस्टमार्टम में मिलीं गंभीर चोटें

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक के शरीर पर सात जगह चोटें मिली हैं। इसके अलावा उनका प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ पाया गया और सिर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। ज्यादा खून बहने को मौत की वजह बताया गया है।

जांच की मांग तेज

सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद और श्रीहित राधाकेलि कुंज ट्रस्ट की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आना संदेह पैदा करता है।

मृतक के परिजन इस मौत को आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत देकर बड़ी साजिश की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि दो साल से दीपक से उनका कोई संपर्क नहीं था और आश्रम प्रबंधन उसे उनसे मिलने भी नहीं देता था।

शुक्ला के मुताबिक घटना के करीब 2 घंटे बाद पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली। आश्रम के साधकों ने सबमर्सिबल चलाकर सड़क पर पड़ा खून धो दिया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।