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रुपये में छह महीने की सबसे बड़ी तेजी, RBI के कदमों से डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ

भारतीय रुपया सोमवार को 96 पैसे चढ़कर 95.77 पर बंद हुआ, जो अप्रैल के बाद सबसे बड़ी एक दिन की बढ़त है।

वित्तीय बाज़ार में रुपये की तेजी को दर्शाते हुए ऊपर की ओर जाता हुआ ग्राफ़
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

भारतीय रुपया सोमवार, 12 अक्टूबर को एक दिन में छह महीने की सबसे बड़ी तेजी दर्ज करते हुए 95.77 पर बंद हुआ। पिछली शुक्रवार 96.73 पर बंद होने के बाद रुपया 96 पैसे मजबूत हुआ, जो लगभग 1 फीसदी की बढ़त है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए कदमों ने इस तेजी को संभव बनाया। RBI ने घोषणा की कि तीन सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—की रोज़ की डॉलर जरूरतें नामित बैंकों के जरिए सीधे पूरी करेगा।

बाजार से दबाव कम

यह विशेष खिड़की हर महीने लगभग 11-12 अरब डॉलर की खरीद को खुले बाजार से दूर करेगी। इससे इन कंपनियों की नियमित डॉलर खरीद बाजार पर पड़ने वाले दबाव में कमी आएगी और रुपये को मजबूती मिलेगी।

RBI के यह कदम शनिवार को घोषित किए गए। इनमें विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव पर आरक्षित आवश्यकता बढ़ाना भी शामिल है।

साल भर की कमजोरी के बाद राहत

रुपया इस साल 7 फीसदी कमजोर हुआ है और एशिया में बदतरीन प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक बन गया था। इससे पहले रुपया 97 के रिकॉर्ड कमजोर स्तर के पास पहुंच गया था। RBI के इस हस्तक्षेप से अब कुछ राहत मिल रही है।

गत बुधवार को RBI ने अपनी बेंचमार्क रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5 फीसदी पर कर दिया था। साथ ही अपनी नीति मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने का संकेत दिया था।

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इसी महीने भारतीय शेयरों से 44,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की है। विश्लेषकों का मानना है कि RBI के ये कदम 2013 के 'टेपर टेंट्रम' संकट के बाद रुपये को मजबूत करने के लिए सबसे मजबूत कदम हैं।