ऊर्जा ठिकानों पर हमले के बाद कीव में बिजली संकट
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने का असर एक बार फिर आम नागरिकों पर पड़ा है। 3 नवंबर 2026 को यूक्रेन के बिजली संयंत्रों, सबस्टेशनों और ऊर्जा वितरण से जुड़े ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले हुए। इसके बाद राजधानी कीव और कीव क्षेत्र में आपातकालीन बिजली कटौती लागू करनी पड़ी।
कीव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि क्षेत्रीय ऊर्जा केंद्र की सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के कारण बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद कठिन हो गई। यूक्रेन के राष्ट्रीय ग्रिड ऑपरेटर Ukrenergo ने भी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लगातार हमलों की जानकारी दी।
बिजली बंद होने से पानी की सप्लाई भी प्रभावित
इस हमले का असर केवल बिजली तक सीमित नहीं रहा। बिजली बाधित होने से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था चलाने वाले प्रमुख पंपिंग और अन्य जरूरी उपकरण प्रभावित हुए। इसके कारण कीव के कई इलाकों में नलों से पानी आना बंद हो गया या दबाव बेहद कम हो गया।
रिपोर्टों के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में लोगों को 24 घंटे से अधिक समय तक पानी की परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ इलाकों में रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी पानी की कमी के कारण अपनी सेवाएं सीमित करनी पड़ीं।
ट्राम और ट्रॉलीबस सेवाएं भी प्रभावित
बिजली संकट का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा। कीव प्रशासन ने बिजली की गंभीर स्थिति के कारण कुछ समय के लिए ट्राम और ट्रॉलीबस सेवाएं निलंबित कीं। प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत देने के लिए अतिरिक्त बस सेवाओं और सहायता केंद्रों की व्यवस्था की गई।
बिजली कटौती से प्रभावित निवासियों के लिए कुछ स्थानों पर गर्म रहने, मोबाइल फोन चार्ज करने और गर्म चाय उपलब्ध कराने वाले केंद्र भी बनाए गए। लोगों को सार्वजनिक पेयजल पंपों और जल वितरण केंद्रों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
यूक्रेन के कई क्षेत्रों में ऊर्जा ढांचे को नुकसान
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि हमलों में देश के नौ क्षेत्रों में ऊर्जा उत्पादन केंद्रों और सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया। Ukrenergo के अनुसार, 24 घंटे के दौरान ऊर्जा सुविधाओं पर 20 से अधिक हमले हुए।
इससे केवल कीव ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति पर दबाव पड़ा। ऊर्जा कंपनियों और मरम्मत दलों को क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत तथा जरूरी सेवाओं को दोबारा चालू करने के काम में लगाया गया।
4 नवंबर तक पानी की सप्लाई बहाल, लेकिन संकट का खतरा बरकरार
इस खबर का एक अहम अपडेट यह है कि 4 नवंबर को कीव प्रशासन और जलापूर्ति कंपनी ने पानी की व्यवस्था बहाल होने की जानकारी दी। हालांकि, पाइपलाइन नेटवर्क को दोबारा भरने और पानी का दबाव सामान्य करने में समय लगा। आपातकालीन बिजली कटौती भी कई जगह हटाकर निर्धारित कटौती व्यवस्था की ओर लौटाई गई।
इसके बावजूद बिजली ग्रिड पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्दियों में बिजली की मांग बढ़ने और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर दोबारा हमले होने की स्थिति में पानी, हीटिंग और परिवहन जैसी सेवाएं फिर प्रभावित हो सकती हैं।
आम नागरिकों के लिए सर्दी से पहले नई चुनौती
यूक्रेन में सर्दियों के करीब आने के साथ बिजली, पानी और हीटिंग की उपलब्धता बड़ा मानवीय मुद्दा बनती जा रही है। ऊर्जा व्यवस्था पर लगातार हमलों से अस्पतालों, घरों, सार्वजनिक परिवहन और कारोबारों के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
कीव में हुई यह घटना दिखाती है कि युद्ध में ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने का असर केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पानी जैसी बुनियादी नागरिक सेवाएं भी ठप हो सकती हैं।