भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अक्तूबर को इसकी पुष्टि की।
साथ ही, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश शुरू हो गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कारैकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक के दक्षिणी भाग, केरल और माहे में इस मानसून की गतिविधि देखी जा रही है।
सामान्य से कम बारिश
इस बार का दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रहा। साल भर में मानसून ने 759.4 मिमी बारिश दी, जो सामान्य 868.6 मिमी से 12.6 प्रतिशत कम है।
उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर पर एल नीनो की स्थिति इसके लिए जिम्मेदार मानी जा रही है। यह स्थिति जून से बन गई थी और तब से मजबूत हो रही है।
दक्षिण में और बारिश की उम्मीद
IMD ने अनुमान लगाया है कि अगले 2-3 दिनों में उत्तर-पूर्व मानसून पूरे दक्षिणी प्रायद्वीप पर आ जाएगा। 21 अक्तूबर तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
उत्तर-पूर्व मानसून दक्षिण-पश्चिम मानसून से कमजोर होता है। इसके बावजूद, यह रबी फसलों की बढ़वार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।