सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (ईसीआई) को 14 अक्टूबर को कड़ी चेतावनी दी। कर्नाटक के श्रीनगेरी विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती का 2023 का वीडियो गायब होने पर कोर्ट नाराज़ हो गया।
जस्टिस संजय कुमार और संजीव सचदेवा की बेंच ने पूछा कि चुनाव आयोग कैसे कह सकता है कि उसका रिकॉर्ड खो गया है। सीनियर एडवोकेट शेषाद्री नायडु ने आयोग की तरफ़ से बताया कि मतों की गिनती का मूल वीडियो नहीं मिल रहा है।
कांग्रेस के टीडी राजेगौड़ा 2023 में श्रीनगेरी से 201 वोटों से जीते थे। भाजपा के डीएन जीवराज उनके प्रतिद्वंद्वी थे। अप्रैल 2026 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने 279 खारिज किए गए मतों की दोबारा जाँच का आदेश दिया।
दोबारा गिनती में राजेगौड़ा के 255 वोट कम हो गए। मई 2026 में नए नतीजे घोषित किए गए और जीवराज को विजयी घोषित कर दिया गया।
राजेगौड़ा ने पर्यवेक्षक की रिपोर्ट और पहली तथा दोबारा की गिनती के वीडियो माँगे। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि जो भी दस्तावेज़ हैं वो अगली सुनवाई तक पेश करो, अन्यथा विरुद्ध निर्णय निकाला जाएगा।
कोर्ट ने कहा, "आपने ये रिकॉर्ड चुने हुए प्रत्याशी को सौंप दिए। कोई भी संरक्षण नहीं है।" पर मई में कोर्ट ने राजेगौड़ा को राहत दी थी और कहा था कि वे अपनी याचिका के लंबित रहने तक विधायक बने रह सकते हैं।
अगली सुनवाई 15 फरवरी 2027 को तय की गई है।