मुंबई कोर्ट का बड़ा फैसला
अभिनेता Tiger Shroff की कार पर 18 अक्टूबर को हुई firing के मामले में मुंबई पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। मामले में Haryana के Sonipat से गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
Mumbai की Esplanade Court ने शुक्रवार को Ankit Khattar, Samir Khatri और Jatin Panchal को पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। तीनों को 21 अक्टूबर को Sonipat से गिरफ्तार किया गया था और transit remand के बाद Mumbai लाया गया था।
पुलिस का कहना है कि तीनों की कथित भूमिका सीधे गोलीबारी करने से अलग थी और जांच में रेकी, हथियारों की व्यवस्था, संपर्क और logistics जैसी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
पुलिस ने कोर्ट में क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों की भूमिका मामले की कथित साजिश को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि:
Ankit Khattar ने कथित तौर पर Mumbai आकर रेकी की।
Samir Khatri कथित तौर पर आरोपी Anil Pandit के संपर्क में था।
Jatin Panchal पर कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियारों की व्यवस्था करने का आरोप है।
पुलिस इन आरोपियों और मामले में अभी भी वांछित लोगों के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
इन आरोपों की अभी न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
18 अक्टूबर को क्या हुआ था?
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 की शाम Mumbai के Juhu इलाके में हुई firing से जुड़ा है।
पुलिस के अनुसार Tiger Shroff एक football club से निकल रहे थे, तभी उनकी कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई। Tiger Shroff इस घटना में सुरक्षित बच गए, जबकि उनके driver को चोट लगी। अन्य रिपोर्टों में एक राहगीर/fan के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने मामले में attempt to murder और Arms Act समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस ने मांगी थी 31 अक्टूबर तक हिरासत
इस सुनवाई के दौरान prosecution ने तीनों आरोपियों की पुलिस हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की थी।
Public Prosecutor ने अदालत को बताया कि मामले में कई अन्य वांछित लोग Maharashtra से बाहर हैं और उनकी भूमिका तथा आरोपियों के बीच संबंधों की जांच के लिए समय चाहिए।
पुलिस ने यह भी कहा कि यह कथित साजिश कई स्तरों पर हुई हो सकती है और इसे समझने के लिए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जरूरी है। हालांकि अदालत ने prosecution की पूरी मांग स्वीकार नहीं की और 28 अक्टूबर तक पुलिस custody मंजूर की।
CCTV और होटल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
जांच में पुलिस को CCTV footage से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि घटना स्थल के अलावा उस होटल की CCTV फुटेज भी हासिल की गई है, जहां आरोपियों द्वारा कथित तौर पर firing practice किए जाने की जांच की जा रही है। होटल का register भी जब्त किया गया है।
जांच एजेंसी अब इन फुटेज और records को आरोपियों की गतिविधियों से मिलाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में उनकी गतिविधियां क्या थीं।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने Aarey Colony में 17 अक्टूबर को कथित firing practice से जुड़े स्थान की भी जांच की है। इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद अधिक स्पष्ट होगी।
Defence ने पुलिस कस्टडी का विरोध किया
आरोपियों के वकील Ajinkya Mirgal ने पुलिस custody का विरोध करते हुए अदालत से judicial custody की मांग की।
Defence का तर्क था कि पुलिस पहले ही कई जरूरी चीजें—जैसे CCTV footage, hotel register और अन्य evidence—जब्त कर चुकी है। इसलिए आरोपियों को आगे पुलिस हिरासत में रखने की जरूरत पर सवाल उठाया गया।
बचाव पक्ष ने कथित हथियार की recovery को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस अभी तक weapon बरामद नहीं कर सकी है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों को 28 अक्टूबर तक पुलिस custody में भेज दिया।
कोर्ट में आरोपियों से भी पूछा गया सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने तीनों आरोपियों से पूछा कि क्या उन्हें पुलिस के खिलाफ कोई शिकायत है। रिपोर्टों के अनुसार तीनों ने कोई शिकायत नहीं होने की बात कही।
अदालत ने defence counsel को आरोपियों से अदालत परिसर में कुछ समय के लिए बातचीत करने की अनुमति भी दी और पुलिस को उनके परिवारों से संपर्क कराने का निर्देश दिया।
जांच का फोकस अब किस पर है?
पुलिस के सामने अब केवल गोली चलाने वालों की पहचान का सवाल नहीं है, बल्कि कथित पूरे network और conspiracy chain को समझना भी महत्वपूर्ण है।
जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि:
Tiger Shroff की गतिविधियों की कथित रेकी किसने की?
हथियार कहां से आया?
कथित firing practice कब और कहां हुई?
आरोपियों और अन्य वांछित लोगों के बीच क्या संपर्क था?
क्या कोई financial transaction या money trail मौजूद है?
घटना से पहले और बाद की CCTV footage क्या बताती है?
कथित तौर पर इस्तेमाल हथियार अभी कहां है?
क्या मामले में और लोगों की भूमिका सामने आती है?
इन सवालों के जवाब पुलिस की custody में होने वाली पूछताछ और forensic/digital evidence analysis से मिलने की उम्मीद है।
मामले में आरोपियों की संख्या और भूमिकाओं को लेकर सावधानी जरूरी
इस केस में अलग-अलग चरणों में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। पहले कथित तौर पर firing करने वाले लोगों को Rajasthan के Kota से पकड़े जाने की खबर आई थी। अब Sonipat से गिरफ्तार किए गए Ankit Khattar, Samir Khatri और Jatin Panchal को कथित facilitation और conspiracy से जुड़े आरोपों में पुलिस custody मिली है।
इसलिए इन तीनों को सीधे “गोली चलाने वाला आरोपी” बताना सही नहीं होगा। पुलिस के मुताबिक उनकी कथित भूमिका रेकी, हथियारों की व्यवस्था और logistics से जुड़ी है।
अब 28 अक्टूबर तक क्या होगा?
अब Mumbai Police को 28 अक्टूबर तक इन तीनों आरोपियों से पूछताछ करने और उपलब्ध evidence के साथ उनके कथित links की जांच करने का मौका मिलेगा।
इस अवधि में पुलिस CCTV footage, phone records, hotel records, alleged weapon trail और अन्य digital evidence को जोड़ने की कोशिश कर सकती है।
इसके बाद आरोपियों को फिर अदालत के सामने पेश किया जाएगा और जांच की स्थिति के आधार पर अदालत आगे का आदेश देगी।
फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।