उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 1.44 लाख शिक्षकों ने आइगॉट मिशन कर्मयोगी पर अब तक एक भी कोर्स पूरा नहीं किया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने इस धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
महानिदेशक ने सोमवार को प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और मंडलीय शिक्षा अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसी बैठक में मिशन कर्मयोगी के कोर्स की स्थिति सामने आई।
बड़ी संख्या में शिक्षक पीछे
बैठक में पता चला कि बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अभी तक एक भी कोर्स शुरू तक नहीं किया है। मोनिका रानी ने अधिकारियों से अभियान की रफ्तार बढ़ाने और अधिक से अधिक शिक्षकों से कोर्स पूरा कराने को कहा है।
जागरूकता बोर्ड और नामांकन पर भी सवाल
बैठक में स्कूलों में लगने वाले नशा मुक्ति जागरूकता बोर्ड की भी समीक्षा हुई। कई स्कूलों में अब तक ये बोर्ड नहीं लग पाए हैं, जिस पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
महानिदेशक ने पिछले साल के मुकाबले इस साल विद्यार्थियों के नामांकन में आई गिरावट पर भी नाराजगी जताई। जिन जिलों में नामांकन घटा है, वहां के शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शनिवार को फिर समीक्षा
महानिदेशक ने नामांकन सुधारने और मिशन कर्मयोगी कोर्स की प्रगति बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। इन सभी मुद्दों पर दोबारा समीक्षा के लिए शनिवार को अगली बैठक तय की गई है, जिससे अधिकारियों के पास सुधार दिखाने के लिए कम समय बचा है।