4 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक किया जाएगा। पुलिस की योजना सिर्फ हवाई निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि जेबकतरी, झपटमारी, ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी ठगी रोकना भी इसका हिस्सा है।
त्योहारों के दौरान लखनऊ के बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक जगहों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में धनतेरस, दीपावली, भाई दूज और छठ पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई निर्देश दिए गए।
पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान चोरी, जेबकतरी, झपटमारी, महिलाओं से छेड़छाड़, साइबर ठगी और यातायात जाम जैसी समस्याओं पर नियंत्रण रखना है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन से निगरानी
पुलिस ने संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर जरूरत के अनुसार ड्रोन से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय रखने को कहा गया है।
प्रमुख बाजारों, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थलों और आभूषण की दुकानों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और पुलिस पिकेट तैनात किए जाएंगे। पुलिस थानों को अपने क्षेत्रों में पैदल गश्त और वाहन पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सादे कपड़ों में तैनात होंगे पुलिसकर्मी
त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरी और झपटमारी करने वाले अपराधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
ये पुलिसकर्मी भीड़ में रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाजारों और आभूषण प्रतिष्ठानों में चोरी, ध्यान भटकाकर ठगी करने और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष टीमें
भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा, ताकि महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस अधिकारियों को बाजारों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
साइबर ठगी रोकने के लिए विशेष अभियान
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लोगों को फर्जी शॉपिंग ऑफर, संदिग्ध लिंक और डिजिटल पेमेंट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान करेगी।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि:
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी के साथ OTP या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
- संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच करें।
- डिजिटल पेमेंट करते समय प्राप्तकर्ता का नाम और रकम जांच लें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
पटाखा दुकानों और यातायात पर भी रहेगी नजर
पुलिस कमिश्नर ने संबंधित विभागों के साथ मिलकर पटाखों की दुकानों और उनके भंडारण स्थलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। दुकानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच होगी।
इसके अलावा प्रमुख बाजारों और सड़कों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने, अवैध पार्किंग रोकने और जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्जन लागू करने की तैयारी की गई है। आवासीय कॉलोनियों और सुनसान सड़कों पर भी गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि बंद घरों में चोरी की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने को कहा है। अधिकारियों को अफवाह फैलाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट और शरारती तत्वों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।