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वाराणसी: किशोरों को बचाने कूदे व्यक्ति की डूबने से मौत, 18 घंटे बाद शव मिला

गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान वरुणा नदी में तीन किशोरों को बचाते हुए 47 वर्षीय संजय दीक्षित डूब गए थे, एनडीआरएफ को शनिवार दोपहर शव मिला

वरुणा नदी में एनडीआरएफ टीम की तलाशी अभियान की तस्वीर

वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र स्थित इसीपुर में वरुणा नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूब रहे तीन किशोरों को बचाने उतरे 47 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। शुक्रवार शाम पांच बजे हुए हादसे के 18 घंटे बाद शनिवार दोपहर उनका शव नदी में मिला।

मृतक की पहचान जंसा थाना क्षेत्र के राखी नेवादा गांव निवासी संजय दीक्षित के रूप में हुई है। उन्होंने अपने घर पर गणेश प्रतिमा की पांच दिवसीय स्थापना की थी और पूजा-पाठ के बाद शुक्रवार शाम गांव वालों के साथ मूर्ति विसर्जन करने वरुणा नदी पहुंचे थे।

तीन किशोरों को बचाते हुए डूबे

विसर्जन के दौरान साथ आए मोनू, टोनू और निशांत नामक किशोर नदी में डूबने लगे। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बचा लिया गया, लेकिन इस दौरान संजय दीक्षित गहरे पानी में डूब गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने नदी में जाल डालकर उन्हें तलाशने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंची बड़ागांव और जंसा पुलिस ने भी गांव वालों के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने रात में बताया कि अंधेरा हो जाने के कारण उस समय सर्च अभियान जारी नहीं रखा जा सका।

एनडीआरएफ ने सुबह फिर शुरू किया अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी पिंडरा प्रशांत सिंह मौके पर पहुंचे थे। शनिवार सुबह छह बजे इंस्पेक्टर रेखा कुमारी के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और दो बोट के साथ नदी में तलाशी शुरू की। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही।

दोपहर 12 बजे एनडीआरएफ टीम को गद्दोपुर गांव स्थित इमलिया घाट के पास संजय दीक्षित का शव पानी में तैरता मिला। जवानों ने शव को बाहर निकाला। शव मिलने की सूचना पर इसीपुर स्थित वरुणा घाट पर आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

सुरक्षा के इंतजाम, पीएम के लिए भेजा शव

पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर घाट पर जंसा और बड़ागांव पुलिस के साथ-साथ एक पीएसी वाहन भी तैनात रहा।