नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाजी प्रशासन से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह अब वर्ल्ड बॉक्सिंग के कार्यकारी बोर्ड का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। संगठन के जांच पैनल ने सितंबर में उनकी उम्मीदवारी को अयोग्य घोषित कर दिया था। हालांकि, इस फैसले के बावजूद अजय सिंह 20 नवंबर 2026 को पनामा में होने वाली वर्ल्ड बॉक्सिंग कांग्रेस में शामिल होंगे और मतदाता के रूप में अपने वोटिंग अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
जांच पैनल ने क्यों अयोग्य घोषित की उम्मीदवारी?
अजय सिंह ने वर्ल्ड बॉक्सिंग के कार्यकारी बोर्ड में पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। लेकिन संगठन के तीन सदस्यीय वेटिंग पैनल ने उनकी उम्मीदवारी पर विचार करने के बाद उन्हें चुनाव लड़ने के योग्य नहीं माना।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पैनल ने कहा कि अजय सिंह ने कुछ जांच और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का पूरा खुलासा नहीं किया था। पैनल ने उनकी उम्मीदवारी पर फैसला लेते समय पारदर्शिता, ईमानदारी और अच्छी स्थिति से जुड़े मानकों पर भी सवाल उठाए।
वहीं, BFI के कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक ने PTI को बताया कि अजय सिंह की उम्मीदवारी बॉक्सिंग से असंबंधित तकनीकी कारणों से खारिज हुई है। इस तरह पैनल की टिप्पणी और BFI के स्पष्टीकरण में कारणों को लेकर अंतर दिखाई देता है।
चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन वोट डालने पनामा जाएंगे
अजय सिंह कार्यकारी बोर्ड के चुनाव में उम्मीदवार के रूप में हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन कांग्रेस में उनकी भागीदारी बनी रहेगी। वह पनामा जाकर भारत की ओर से मतदान करेंगे।
वर्ल्ड बॉक्सिंग के चुनाव में 20 नवंबर 2026 को महत्वपूर्ण पदों के लिए मतदान होना है। इनमें दो उपाध्यक्ष और कार्यकारी बोर्ड के दो सदस्यों के पद शामिल हैं। कांग्रेस में सदस्य राष्ट्रीय संघों के प्रतिनिधि संगठन के भविष्य और नेतृत्व से जुड़े फैसलों में हिस्सा लेंगे।
भारत के वोटिंग अधिकार पर भी उठा था सवाल
अजय सिंह की उम्मीदवारी अयोग्य घोषित होने के बाद भारत की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठे थे। वर्ल्ड बॉक्सिंग की 21 अक्टूबर को प्रकाशित पनामा कांग्रेस की पंजीकरण सूची में शुरुआत में भारत का नाम नहीं दिखा था।
हालांकि, BFI ने सफाई देते हुए कहा कि भारतीय संघ ने 23 अक्टूबर को पंजीकरण पूरा कर लिया था और 29 अक्टूबर को वर्ल्ड बॉक्सिंग के महासचिव टॉम डिलेन से इसकी पुष्टि भी मिल गई थी। BFI का कहना है कि भारत वर्ल्ड बॉक्सिंग का पूर्ण सदस्य है और उसके मतदान अधिकार सुरक्षित हैं। अजय सिंह की व्यक्तिगत उम्मीदवारी पर आया फैसला भारत की सदस्यता या वोटिंग अधिकारों को प्रभावित नहीं करता।
BFI के भीतर भी नेतृत्व को लेकर खींचतान
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है, जब भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के भीतर अध्यक्ष अजय सिंह और विरोधी गुट के बीच विवाद चल रहा है। महासचिव प्रमोद कुमार के नेतृत्व में विरोधी गुट ने अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के उद्देश्य से विशेष आम बैठक (SGM) बुलाने की कोशिश की थी।
इस बैठक में कार्यकारी समिति के 13 सदस्यों में से आठ सदस्यों के शामिल होने की खबर सामने आई। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बैठक को 13 नवंबर की अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश दिया था। अजय सिंह ने विरोधी गुट की बैठक की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
भारतीय बॉक्सिंग पर क्या पड़ सकता है असर?
वर्ल्ड बॉक्सिंग के कार्यकारी बोर्ड में भारतीय प्रतिनिधित्व को लेकर यह घटनाक्रम अहम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की भूमिका से भारतीय मुक्केबाजी को नीतिगत चर्चाओं, प्रतियोगिताओं और ओलंपिक तैयारियों से जुड़े फैसलों में प्रभाव बनाने का अवसर मिलता है।
हालांकि, अजय सिंह का चुनाव न लड़ पाना अपने आप में भारत की सदस्यता या मतदान अधिकारों का नुकसान नहीं है। BFI के अनुसार भारत कांग्रेस में वोट डाल सकेगा। अब नजर 20 नवंबर की बैठक और BFI के भीतर चल रहे नेतृत्व विवाद पर रहेगी।