क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के स्वागत और विदाई के दौरान जेबकतरी की घटनाएं सामने आईं।
अखिलेश यादव 3 नवंबर 2026 को वाराणसी पहुंचे थे। उनके स्वागत के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर जुटे थे। ढोल-नगाड़ों, नारेबाजी और फूल-मालाओं के बीच स्वागत किया गया। इसी भीड़ के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से नकदी और जरूरी दस्तावेज गायब होने का पता चला।
किसी के 11 हजार तो किसी के 4,500 रुपये गायब
लाइव हिन्दुस्तान की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, एक कार्यकर्ता ने जेब से 11 हजार रुपये गायब होने की शिकायत की, जबकि दूसरे ने 4,500 रुपये चोरी होने की बात बताई।
इसके अलावा कुछ लोगों ने ATM कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात गायब होने की जानकारी दी। एक के बाद एक शिकायतें सामने आने पर वहां मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया।
भीड़ में सक्रिय था जेबकतरों का गिरोह?
रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यकर्ताओं को आशंका हुई कि स्वागत के लिए जुटी भीड़ में जेबकतरे भी शामिल हो गए थे। कई लोगों की जेब से सामान गायब होने की बातें सामने आने के बाद कार्यकर्ता एक-दूसरे से अपने सामान और नकदी के बारे में पूछते नजर आए।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या पुलिस द्वारा गिरोह की पहचान किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे जेबकतरी की शिकायतों और आशंका के रूप में ही रिपोर्ट करना उचित है।
अखिलेश यादव किस कार्यक्रम के लिए वाराणसी पहुंचे थे?
अखिलेश यादव 3 नवंबर को निजी विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनका दौरा पार्टी के दिवंगत पदाधिकारी राजेश यादव नत्थू के परिवार से मिलने और शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए था। इसके अलावा उन्हें पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करनी थी।
एयरपोर्ट पर हजारों कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बाद में अखिलेश यादव ने शहर में अपने निर्धारित कार्यक्रम पूरे किए और वाराणसी से लखनऊ रवाना हो गए।