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अक्टूबर में GST ने बनाया नया दमदार रिकॉर्ड, संग्रह 22.9% उछलकर ₹2.31 लाख करोड़

अक्टूबर 2026 में सकल GST संग्रह ₹2,31,290 करोड़ पहुंचा। आयात से मिलने वाले GST राजस्व में 42.2% की बढ़ोतरी ने कुल संग्रह को मजबूती दी। उत्तर प्रदेश में घरेलू GST संग्रह भी 24% बढ़ा।

अक्टूबर में GST ने बनाया नया दमदार रिकॉर्ड, संग्रह 22.9% उछलकर ₹2.31 लाख करोड़
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

भारत की अर्थव्यवस्था और कर राजस्व के मोर्चे पर अक्टूबर 2026 में मजबूत आंकड़े सामने आए हैं। केंद्र सरकार की ओर से जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, देश का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह सालाना आधार पर 22.9% बढ़कर ₹2,31,290 करोड़ यानी करीब ₹2.31 लाख करोड़ पहुंच गया। अक्टूबर 2025 में यह संग्रह करीब ₹1.88 लाख करोड़ था।

यह GST लागू होने के बाद से अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक संग्रह बताया गया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में करीब ₹2.43 लाख करोड़ का संग्रह दर्ज हुआ था। अक्टूबर के आंकड़े लगातार चौथे महीने GST संग्रह के ₹2 लाख करोड़ से ऊपर बने रहने का संकेत भी देते हैं।

आयात से GST राजस्व में 42.2% की तेज बढ़ोतरी
अक्टूबर में GST संग्रह बढ़ने की सबसे बड़ी वजह आयात से मिलने वाले कर राजस्व में तेज उछाल रहा। आयात से जुड़ा GST संग्रह 42.2% बढ़कर ₹72,246 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह ₹50,796 करोड़ था।

वहीं, घरेलू लेनदेन से मिलने वाला GST राजस्व भी 15.8% बढ़कर लगभग ₹1.59 लाख करोड़ पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि अक्टूबर के दौरान घरेलू आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ आयात से जुड़े कारोबार ने भी सरकारी राजस्व में योगदान दिया।

रिफंड के बाद शुद्ध GST संग्रह ₹2.03 लाख करोड़
सरकार ने अक्टूबर के दौरान कुल ₹27,934 करोड़ का GST रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 6.5% अधिक है।

रिफंड घटाने के बाद शुद्ध GST राजस्व 25.6% बढ़कर ₹2.03 लाख करोड़ रहा। अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा लगभग ₹1.61 लाख करोड़ था। यानी सकल संग्रह के साथ-साथ रिफंड समायोजित करने के बाद सरकारी खजाने में पहुंचने वाले शुद्ध राजस्व में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

CGST, SGST और IGST से कितना मिला?
अक्टूबर के कुल सकल GST संग्रह में अलग-अलग कर श्रेणियों का योगदान इस प्रकार रहा:
कर का प्रकार संग्रह
केंद्रीय GST (CGST) ₹42,935 करोड़
राज्य GST (SGST) ₹51,340 करोड़
एकीकृत GST (IGST) ₹1,37,015 करोड़
कुल सकल GST ₹2,31,290 करोड़

इन आंकड़ों में IGST का हिस्सा सबसे अधिक रहा। यह मुख्य रूप से अंतरराज्यीय लेनदेन और आयात से संबंधित कर संग्रह को दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश में भी GST संग्रह 24% बढ़ा
अक्टूबर के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश के लिए भी सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। राज्य में घरेलू GST संग्रह में सालाना आधार पर 24% की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि बिहार के बराबर रही।

हालांकि, यह आंकड़ा राज्य के घरेलू GST संग्रह की वृद्धि को दर्शाता है; इसे राज्य के कुल GST राजस्व या केंद्र से मिलने वाले हिस्से की वृद्धि के समान नहीं समझना चाहिए।

त्योहारी सीजन और कारोबार का असर
अक्टूबर में त्योहारों और खरीदारी के मौसम के कारण बाजारों में गतिविधियां बढ़ती हैं। इस दौरान वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं की बिक्री में तेजी देखने को मिल सकती है। बेहतर घरेलू कारोबार GST संग्रह को समर्थन दे सकता है।

हालांकि, इस बार आयात से मिलने वाले राजस्व में 42.2% की वृद्धि भी कुल आंकड़े को ऊपर ले जाने वाला प्रमुख कारक रही। इसलिए पूरे उछाल को केवल त्योहारी मांग का परिणाम बताना सही नहीं होगा। घरेलू लेनदेन, आयात और कर अनुपालन—तीनों का योगदान महत्वपूर्ण रहा।

अप्रैल से अक्टूबर तक ₹14.78 लाख करोड़ का संग्रह
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर के बीच कुल सकल GST संग्रह करीब ₹14.78 लाख करोड़ रहा। इसमें पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 13.2% की वृद्धि दर्ज की गई।

अक्टूबर का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष में अब तक के मजबूत मासिक आंकड़ों में शामिल है। आने वाले महीनों में GST संग्रह की दिशा घरेलू मांग, आयात, कारोबारी गतिविधियों और कर अनुपालन पर निर्भर करेगी।