आजमगढ़ में मंगलवार शाम एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने मुठभेड़ के दौरान अपने ही बेटे को भी गोली मार दी। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चोटों के कारण उनकी जान चली गई।
पूजा के दौरान लौटा घर
घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुई। अरविंद सिंह नाम का व्यक्ति उस समय घर लौटा।
उसने देखा कि उसकी पत्नी बबीता सिंह (32) दो पुजारियों के साथ पूजा-पाठ कर रही थी। पुजारियों की पहचान महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50) के रूप में हुई।
इसके बाद अरविंद ने पत्नी और दोनों पुजारियों को गोली मार दी।
बच्चों को बनाया बंधक
आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने घटना पर बयान दिया। उन्होंने कहा, "पुलिस के मौके पर पहुंचने पर आरोपी ने अपने बच्चों को एक कमरे में बंद कर लिया।"
पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करने के लिए मनाने की कोशिश की। बच्चों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए बातचीत में उसके परिवार की भी मदद ली गई।
इस बीच आरोपी ने पुलिस और अपने परिवार को गोली मारने की धमकी दी। उसने बच्चों को भी जान से मारने की चेतावनी दी।
मुठभेड़ में मौत
धमकियों के बीच आरोपी ने अपने ही बेटे को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनते ही पुलिस तुरंत कमरे में दाखिल हुई।
अंदर घुसते ही आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले हवा में चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं।
इसके बावजूद आरोपी फायरिंग करता रहा। आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया।
आरोपी अरविंद और उसके बेटे, दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां चोटों के कारण दोनों की मौत हो गई।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।