उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में गन्ने के खेतों के आसपास तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। खेतों में काम करने और फसल देखने जा रहे लोगों पर हमलों की दो घटनाएं सामने आई हैं। एक घटना में किसान का हाथ गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरी घटना में 17 वर्षीय किशोर जख्मी हुआ।
पृथ्वीपुरवा में किसान पर अचानक हमला
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज के अंतर्गत झाला ग्राम पंचायत के मजरा पृथ्वीपुरवा में 30 अक्टूबर 2026 को खेत में काम कर रहे किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 50 वर्षीय कैन्नु पासवान खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान पास के गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने उनका दाहिना हाथ जबड़े में दबोच लिया।
किसान ने खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया और शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर तेंदुए को भगाया। घायल किसान को पहले मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
चकैया गांव में 17 वर्षीय किशोर पर हमला
तेंदुए के हमले की एक और घटना 1 नवंबर को मोतीपुर थाना क्षेत्र के चकैया गांव में सामने आई। यहां प्रदीप यादव (17) सुबह करीब नौ बजे बारिश से भीगी फसल देखने अपने खेत गए थे। इसी दौरान खेत में मौजूद तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया और उनके हाथ में गंभीर चोट आई।
प्रदीप के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण दौड़े और हांका लगाकर तेंदुए को जंगल की ओर भगाया। घायल किशोर को सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और इलाके में निगरानी बढ़ाने की बात कही।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
लगातार हमलों के बाद वन विभाग की टीम ने प्रभावित इलाके में गश्त बढ़ाई है। ग्रामीणों को खेतों में जाते समय सतर्क रहने और संभव हो तो समूह में जाने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में पिंजरा लगाने और तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की मांग की है।
गन्ने की ऊंची और घनी फसल में जंगली जानवर छिप सकते हैं। ऐसे में खेतों में अकेले जाना जोखिम भरा हो सकता है। वन विभाग की निगरानी और स्थानीय लोगों की सतर्कता इस स्थिति में महत्वपूर्ण है।