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बलिया स्कूल हादसे में तीन शिक्षाकर्मी गिरफ्तार, बिजली विभाग के जेई पर भी गैर इरादतन हत्या का केस

कनैला के प्राथमिक विद्यालय में 11 वर्षीय छात्र अरशद अहमद की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हुई थी। परिजनों की शिकायत पर प्रभारी प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

बलिया स्कूल हादसे में तीन शिक्षाकर्मी गिरफ्तार, बिजली विभाग के जेई पर भी गैर इरादतन हत्या का केस
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छात्र की करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गड़वार थाना क्षेत्र के कनैला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय नवीन पोखरा के तीन शिक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इनमें प्रभारी प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र शामिल हैं।

इसके अलावा बिजली विभाग के एक अवर अभियंता (JE) के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई छात्र के परिजनों की शिकायत के आधार पर हुई है।

लौकी तोड़ने के लिए छत पर भेजे जाने का आरोप
मृत छात्र की पहचान अरशद अहमद, उम्र करीब 11 वर्ष, के रूप में हुई है। वह कक्षा चार में पढ़ता था और बिसुकिया गांव का निवासी था।

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे छात्र को स्कूल की रसोई की छत पर लौकी तोड़ने के लिए भेजा गया था। आरोप है कि उसे बांस की सीढ़ी के सहारे छत पर चढ़ाया गया। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

रिपोर्टों में तार को करीब 11 हजार वोल्ट का बताया गया है। हालांकि, छात्र को छत पर भेजने की जिम्मेदारी और घटना में लापरवाही की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी।

तीन शिक्षाकर्मी गिरफ्तार, अदालत ने भेजा जेल
मृतक के भाई सलमान की तहरीर पर पुलिस ने प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय शंकर, सहायक अध्यापक अनिल कुमार और शिक्षामित्र दीपचंद्र राम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मंगलवार को तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 198 और 3(5) के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया है। ये धाराएं मामले में दर्ज आरोपों और कथित लापरवाही से जुड़ी कानूनी कार्रवाई का हिस्सा हैं; गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है।

बिजली विभाग के जेई पर भी कार्रवाई
इस मामले में बिजली विभाग के अवर अभियंता राजनारायण यादव का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है। उन पर भी गैर इरादतन हत्या से संबंधित आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ है।

जांच का एक अहम पहलू यह है कि स्कूल परिसर के पास से गुजर रहे हाईटेंशन तार की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और संभावित खतरे को लेकर पहले कोई शिकायत या सूचना दी गई थी या नहीं। बिजली विभाग की जिम्मेदारी और किसी भी संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

ग्रामीणों का प्रदर्शन, शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई
छात्र की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण स्कूल परिसर में जुट गए थे। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को मुआवजा देने की मांग की। रिपोर्टों के मुताबिक, स्कूल परिसर में करीब सात घंटे तक विरोध-प्रदर्शन चला। प्रशासन, शिक्षा विभाग और बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय शंकर और सहायक अध्यापक अनिल कुमार को निलंबित कर दिया। शिक्षामित्र दीपचंद्र राम की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।