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बंगाल की खाड़ी में ‘अर्नब’ का बढ़ा खतरा, अब Severe Cyclonic Storm; 53 ट्रेनें रद्द, 5 राज्यों में अलर्ट

अर्नब के अगले 12 घंटे में Very Severe Cyclonic Storm बनने की आशंका; 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश-यानम तट के बीच लैंडफॉल का अनुमान, NDRF-SDRF की टीमें तैनात

बंगाल की खाड़ी में ‘अर्नब’ का बढ़ा खतरा, अब Severe Cyclonic Storm; 53 ट्रेनें रद्द, 5 राज्यों में अलर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

बंगाल की खाड़ी में और ताकतवर हुआ ‘अर्नब’

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान यानी Severe Cyclonic Storm में बदल चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों में इसके और मजबूत होने की संभावना है।

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, अर्नब के अगले 6 से 12 घंटे में Very Severe Cyclonic Storm में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर पहुंचेगा।

28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अर्नब के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट को पार करने की संभावना है। संभावित लैंडफॉल क्षेत्र बापटला से विशाखापत्तनम के बीच बताया गया है।

IMD और केंद्र सरकार की तैयारियों के अनुसार, उस समय तूफान की अधिकतम लगातार हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।

इससे तटीय इलाकों में तेज हवाओं, भारी बारिश, समुद्र में ऊंची लहरों और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में अलर्ट

चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में तैयारियां तेज कर दी हैं।

केंद्रीय कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में National Crisis Management Committee की बैठक में राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। सरकार ने राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखने तथा संभावित नुकसान को न्यूनतम करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र ने यह भी कहा है कि चक्रवात के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश हो सकती है। इसलिए इन राज्यों को भी मौसम की स्थिति को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।

रेलवे ने 53 ट्रेनें रद्द कीं

चक्रवात के खतरे का असर रेलवे परिचालन पर भी दिखाई देने लगा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेन सेवाएं रद्द की गई हैं।

रद्द होने वाली सेवाओं में आंध्र प्रदेश के कई प्रमुख रेल मार्गों पर चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। इनमें विजयवाड़ा, राजमुंदरी, मछलीपट्टनम, नरसापुर, भीमावरम, काकीनाडा पोर्ट, गुंटूर और विशाखापत्तनम से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।

कुछ ट्रेनें दोनों दिनों के लिए रद्द की गई हैं, जबकि कुछ सेवाओं को केवल 27 या 28 अक्टूबर को रद्द किया गया है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस रेलवे की आधिकारिक सूचना से जांचने की सलाह दी गई है।

NDRF और SDRF की टीमें मैदान में

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को तैनात और स्टैंडबाय पर रखा गया है। केंद्र के अनुसार, सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल की राहत एवं बचाव क्षमताओं को भी तैयार रखा गया है।

तटीय क्षेत्रों में प्रशासन ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने भी राहत और बचाव गतिविधियों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य ने 20 जिलों के लिए ₹27 करोड़ की राहत राशि जारी की है और NDRF की अतिरिक्त टीमें भी तैनात की गई हैं।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

चक्रवात की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे मध्य बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यानम के तटों के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

केंद्र सरकार के अनुसार, समुद्र में मौजूद कई नावों और जहाजों को वापस तट की ओर लाया जा चुका है और भारतीय तटरक्षक बल भी समुद्री गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

हवा की रफ्तार और भारी बारिश बढ़ा सकती है मुश्किलें

अर्नब के Very Severe Cyclonic Storm में बदलने की स्थिति में 115–125 kmph की sustained winds और 140 kmph तक के gusts नुकसान का बड़ा कारण बन सकते हैं।

तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है। तेज हवाओं के कारण बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित होने, पेड़ गिरने तथा निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है।

प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और समुद्र तथा संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

अभी क्या होगा?

फिलहाल मौसम विभाग की नजर अर्नब की गति, दिशा और तीव्रता पर बनी हुई है। अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि इसी दौरान यह और मजबूत होकर Very Severe Cyclonic Storm का रूप ले सकता है।

इसके बाद 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश-यानम तट के बीच इसके संभावित लैंडफॉल के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

केंद्र और राज्य सरकारों का मुख्य फोकस फिलहाल जान-माल के नुकसान को रोकना, संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालना और बिजली-सड़क-रेल जैसी जरूरी सेवाओं को सुरक्षित रखना है।