उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में दहेज हत्या के एक मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी शिवम कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शिवम पर अपनी पत्नी प्रिंसी को कथित तौर पर दहेज में बड़ी कार की मांग पूरी नहीं होने पर प्रताड़ित करने और उसकी मौत के मामले में शामिल होने का आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी करीब 12 दिन बाद हुई है।
मामला बेहट थाना क्षेत्र से जुड़ा है। प्रिंसी की मौत 14 अक्टूबर 2026 को हुई थी। मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
बड़ी कार की मांग का आरोप
मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही प्रिंसी को उसके ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था।
शिकायत के मुताबिक, ससुराल पक्ष की ओर से बड़ी कार की मांग की जा रही थी। परिवार का आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने के कारण प्रिंसी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले को दहेज उत्पीड़न और दहेज मृत्यु से संबंधित धाराओं में दर्ज किया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
14 अक्टूबर को हुई प्रिंसी की मौत
शिकायत के अनुसार, 14 अक्टूबर को प्रिंसी की फांसी लगाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और शव से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति शिवम कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम लतीफपुर भूड़, थाना बेहट, को मामले में वांछित आरोपी बनाया था।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 80(2), 61(2) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
12 दिन बाद गंदेवड़ अड्डे से गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी बेहट के पर्यवेक्षण में स्थानीय पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी रही।
26 अक्टूबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से आरोपी के बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गंदेवड़ अड्डे से शिवम कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
शिवम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब मामले की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करने की चुनौती है।
जांच में यह देखा जाएगा कि प्रिंसी को कथित तौर पर कितने समय से दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था, बड़ी कार की मांग किसने की थी और 14 अक्टूबर को वास्तव में क्या हुआ था।
इसके अलावा पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम समेत अन्य जांच रिपोर्टों को भी मामले की आगे की कार्रवाई में शामिल करेगी।
दहेज हत्या के मामलों में सबूत अहम
दहेज से जुड़े मामलों में केवल आरोप लगना ही अंतिम निष्कर्ष नहीं होता। पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर यह निर्धारित करना होता है कि संबंधित आरोपी की भूमिका क्या रही और विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
इस मामले में भी शिवम कुमार की गिरफ्तारी का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने उसे दोषी ठहरा दिया है। दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
पुलिस की कार्रवाई अब गिरफ्तारी से आगे बढ़कर मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को मजबूत करने और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने पर केंद्रित होगी।
परिवार को न्याय का इंतजार
प्रिंसी की मौत के बाद उसके मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। आरोपी पति की गिरफ्तारी के बाद अब परिवार की नजर मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर है।
फिलहाल पुलिस ने एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की कानूनी जांच आगे जारी है।