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चारबाग स्टेशन पर बंद फर्स्ट AC कूपे में चोरी का आरोप, दंपती के ₹8 लाख के गहने और नकदी गायब

ट्रेन संख्या 15726 में दिल्ली से देवरिया जा रहे दंपती ने आरोप लगाया कि लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर उनके अंदर से बंद कूपे में एक अज्ञात व्यक्ति घुसा और बैग से गहने व नकदी लेकर चला गया। तीन बार अलार्म चेन खींचने और हेल्पलाइन पर फोन करने के बावजूद तत्काल मदद नहीं मिलने का भी दावा किया गया।

चारबाग स्टेशन पर बंद फर्स्ट AC कूपे में चोरी का आरोप, दंपती के ₹8 लाख के गहने और नकदी गायब
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर फर्स्ट AC कोच में चोरी का गंभीर मामला सामने आया है। एक दंपती ने आरोप लगाया है कि ट्रेन के अंदर से लॉक कूपे में घुसकर अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैग से शादी के गहने और नकदी चोरी कर ली। चोरी हुए गहनों की मौजूदा कीमत करीब 7 से 8 लाख रुपये बताई गई है, जबकि लगभग 35 हजार रुपये नकद भी गायब होने का दावा है।

यह घटना 2 नवंबर 2026 की रात करीब 1:20 बजे ट्रेन संख्या 15726 में हुई। दंपती अपने एक साल के बच्चे के साथ आनंद विहार से देवरिया जा रहे थे। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की आपातकालीन शिकायतों पर प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं।

सोते समय कूपे में अजनबी के घुसने का दावा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 31 वर्षीय उमेश कुमार, उनकी पत्नी 30 वर्षीय सुनीता कुमारी और उनका एक साल का बच्चा H1 कोच के E13 और E14 बर्थ पर यात्रा कर रहे थे। उमेश ऊपर की बर्थ पर सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी और बच्चा नीचे थे।

उमेश के मुताबिक, रात में सुनीता की नींद खुली तो उन्होंने काले कपड़े पहने एक लंबे-चौड़े व्यक्ति को कूपे के अंदर देखा। वह व्यक्ति कथित तौर पर कुछ सामान अपनी जेब में रख रहा था। महिला के देखने पर उसने गलती से गलत केबिन में आ जाने की बात कही और वहां से चला गया। इसके कुछ ही देर बाद सुनीता ने अपना पर्स खंगाला हुआ पाया और गहने तथा नकदी गायब मिले।

अंदर से बंद था दरवाजा, फिर कैसे पहुंचा आरोपी?
दंपती का दावा है कि कूपे का दरवाजा अंदर से लॉक था, इसके बावजूद अज्ञात व्यक्ति उसे बाहर से खोलकर अंदर आ गया। उमेश के अनुसार, गोंडा स्टेशन पर मिले पुलिसकर्मियों ने उन्हें दिखाया कि अंदर से बंद होने के बावजूद कूपे का दरवाजा बाहर से खोला जा सकता है।

इस दावे ने फर्स्ट AC कूपे की सुरक्षा और दरवाजों की लॉकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, कथित आरोपी ने वास्तव में दरवाजा किस तरह खोला और वह व्यक्ति कौन था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

तीन बार चेन खींचने और हेल्पलाइन पर फोन करने का दावा
उमेश का आरोप है कि चोरी का पता चलते ही उन्होंने ट्रेन के TTE को जानकारी दी और ट्रेन को चारबाग स्टेशन पर रोकने के लिए तीन बार अलार्म चेन खींची। उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर भी कई बार संपर्क किया, लेकिन उनके मुताबिक तत्काल कोई पुलिसकर्मी मदद के लिए नहीं पहुंचा।

दंपती का कहना है कि उन्हें पहली बार गोंडा स्टेशन पर पुलिसकर्मियों से सहायता मिली, जहां उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर भी संपर्क किया था।

देवरिया GRP में जीरो FIR, लखनऊ पुलिस की जांच शुरू
दंपती ने 2 नवंबर को सुबह करीब 9 बजे GRP देवरिया में जीरो FIR दर्ज कराई। चारबाग GRP के थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पीड़ित से घटना का पूरा क्रम जानने के लिए संपर्क किया गया है और जांच की जा रही है। उनके अनुसार, देवरिया GRP से जीरो FIR की प्रति मिलने का इंतजार है।

घटना के बाद सुनीता का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें उन्होंने बंद कूपे में चोरी और मदद नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जताई।

चोरी की रकम को लेकर रिपोर्टों में अंतर
इस घटना से जुड़ी कुछ मीडिया रिपोर्टों में गहनों की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये और 25 हजार रुपये नकद बताई गई है, जबकि टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में उमेश और सुनीता के मामले में गहनों की कीमत 7–8 लाख रुपये और नकदी 30–35 हजार रुपये बताई गई है। इसलिए खबर में दंपती के मामले से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट के आंकड़े दिए गए हैं; चोरी की अंतिम रकम पुलिस जांच और शिकायत के दस्तावेजों से स्पष्ट होगी।