कोलंबिया सरकार ने उत्तर-पूर्वी शहर विला डे लेयवा के पास पहाड़ों में लगी भीषण आग के बाद सार्वजनिक आपदा घोषित कर दी है। इस आग ने बड़े इलाके की वनस्पति को जला दिया है और कई परिवारों को घर खाली करने पड़े।
विला डे लेयवा राजधानी बोगोटा से करीब 160 किलोमीटर दूर स्थित एक लोकप्रिय औपनिवेशिक कालीन पर्यटन शहर है। यह आग शनिवार को शहर से सटे एक पहाड़ पर भड़की थी।
करीब 290 हेक्टेयर इलाका जला
अधिकारियों के मुताबिक रविवार शाम तक करीब 290 हेक्टेयर यानी 717 एकड़ इलाका आग की चपेट में आ चुका था। यह क्षेत्रफल लगभग 400 फुटबॉल मैदानों के बराबर बताया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम तक आग पर करीब 50 प्रतिशत काबू पाया जा चुका था।
तेज हवाओं ने आग बुझाने के काम को मुश्किल बना दिया। कई बार लपटें आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ीं। स्थानीय प्रशासन ने आपातकाल घोषित करते हुए सोमवार को स्कूलों में क्लास बंद कर दी। आग के पास स्थित होटलों समेत कई जगहों से लोगों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया।
राहत कार्य में 400 से ज्यादा लोग जुटे
आग बुझाने के काम में 400 से अधिक फायरकर्मी, आपदा राहतकर्मी, स्थानीय निवासी और स्वयंसेवक शामिल हुए। चार हेलीकॉप्टरों ने ऊपर से पानी गिराकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।
बोयाका राज्य के गवर्नर कार्लोस अमाया ने बताया कि रविवार को हेलीकॉप्टरों ने करीब 170 बार पानी गिराया, जिसमें कुल 2,40,000 लीटर पानी इस्तेमाल हुआ। कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला ने रविवार को एक्स पर लिखा कि विला डे लेयवा की आग पर करीब 50 प्रतिशत नियंत्रण पाया जा चुका है और यह जमीन पर काबू में है।
आग जानबूझकर लगाने की आशंका
कोलंबिया के पर्यावरण मंत्री फाबियो अर्खोना ने कहा कि आपदा प्रबंधन एजेंसी की शुरुआती जानकारी के अनुसार यह आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है। उन्होंने बताया कि अधिकारी अभी इस मामले की जांच कर रहे हैं।
कोलंबिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक देश भर में 27 जंगल की आग पर निगरानी रखी जा रही है, जिनमें से 19 अब भी सक्रिय हैं और आठ पर काबू पाया जा चुका है। इनमें से नौ आग बोगोटा के दक्षिण-पश्चिम में स्थित पहाड़ी क्षेत्र तोलिमा में लगी हैं, जबकि बाकी देश के एंडियन इलाके के अलग-अलग हिस्सों में फैली हुई हैं।
सूखे मौसम और अल नीनो का खतरा
मौसम एजेंसी ने पिछले हफ्ते बताया था कि देश की 279 नगरपालिकाओं में किसी न किसी स्तर की आग चेतावनी जारी है। इनमें से 36 नगरपालिकाएं सबसे ऊंचे रेड अलर्ट स्तर पर हैं, और सबसे ज्यादा खतरा एंडियन और कैरेबियाई इलाकों में बताया गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 16 जून से 6 अगस्त के बीच कोलंबिया में 191 नगरपालिकाओं में 438 जंगल की आग दर्ज की गई थीं, जिनसे करीब 7,153 हेक्टेयर वनस्पति प्रभावित हुई थी।
पड़ोसी देश इक्वाडोर भी जंगल की आग से जूझ रहा है। इक्वाडोर की राष्ट्रीय जोखिम प्रबंधन एजेंसी ने रविवार को बताया कि देश में अभी 12 आग सक्रिय हैं, और इस साल अब तक 21,800 हेक्टेयर से ज्यादा वनस्पति जल चुकी है। तेज गर्मी और तेज हवाओं ने कई इलाकों में आग को तेजी से फैलने में मदद की है। इक्वाडोर के इम्बाबुरा ज्वालामुखी की ढलानों पर लगी आग ने करीब 300 हेक्टेयर इलाका जलाया, जिस पर तीन दिन की मशक्कत के बाद रविवार को काबू पाया गया।
अल नीनो प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय हिस्से में होने वाला एक आवधिक तापमान परिवर्तन है, जो कुछ इलाकों में बारिश कम और तापमान ज्यादा कर सकता है। इससे जंगल की आग फैलने की संभावना और बढ़ जाती है। आपदा अधिकारियों ने कहा है कि इस बार अल नीनो के चलते सबसे ज्यादा खतरे की अवधि अक्टूबर से अप्रैल के बीच रहने की आशंका है, जिसमें जंगल की आग और पानी की कमी मुख्य चिंता के विषय होंगे।