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चुनाव आयोग ने Form-6 की ऑनलाइन प्रक्रिया बदली, SIR घोषणा अब अलग जमा होगी

मतदाता पंजीकरण फॉर्म में SIR से जुड़ी घोषणा जोड़ने पर उठे सवालों के बाद चुनाव आयोग ने ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था बदली। अब Form-6 और SIR Declaration के लिए अलग-अलग OTP और e-Sign की जरूरत होगी।

चुनाव आयोग ने Form-6 की ऑनलाइन प्रक्रिया बदली, SIR घोषणा अब अलग जमा होगी
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form-6 की ऑनलाइन प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) वाले राज्यों में भी Form-6 और उससे जुड़ी SIR घोषणा अलग-अलग दस्तावेजों के रूप में जमा करनी होगी।

इससे पहले ECINET पोर्टल पर दोनों को एक ही ऑनलाइन प्रक्रिया में जोड़ा गया था। आवेदनकर्ता को एक ही OTP और e-Sign के जरिए दोनों दस्तावेज जमा करने होते थे। अब आयोग ने इस व्यवस्था को अलग कर दिया है।

Form-6 में क्या जुड़ा था और विवाद क्यों हुआ?
Form-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। SIR प्रक्रिया के दौरान आयोग ने इसके ऑनलाइन आवेदन में एक अतिरिक्त घोषणा शामिल की थी।

इस घोषणा में आवेदक से पूछा जाता था कि क्या उसका नाम, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली विशेष गहन मतदाता सूची में दर्ज था। यदि किसी का नाम नहीं था, तो उसे यह विकल्प भी बताना पड़ता था।

इस घोषणा को अनिवार्य रूप से भरने की व्यवस्था पर सवाल उठे। दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आंतरिक टिप्पणियों में आपत्ति जताई थी कि नियमों के तहत निर्धारित Form-6 में बदलाव केंद्र सरकार की कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं किया जा सकता।

अब ऑनलाइन आवेदन में क्या बदलेगा?
चुनाव आयोग के नए फैसले के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया में दो अलग हिस्से होंगे:
1. Form-6: मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का निर्धारित वैधानिक आवेदन।
2. SIR Declaration: SIR के दौरान मांगी जाने वाली अलग घोषणा।
दोनों दस्तावेजों के लिए अब अलग-अलग OTP सत्यापन और e-Sign करना होगा। आवेदनकर्ता को दोनों चरण पूरे करने होंगे, जहां SIR घोषणा लागू है।

21 अक्टूबर के फैसले के बाद लागू हुई नई व्यवस्था
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में 26 अक्टूबर को दाखिल अपने जवाब में बताया था कि उसकी Electoral Roll Division ने 21 अक्टूबर 2026 को Form-6 और SIR घोषणा को ऑनलाइन भी अलग-अलग रखने का निर्णय लिया था।

आयोग ने अदालत को यह भी बताया कि Form-6 में कानूनी संशोधन नहीं किया गया था। हालांकि, ऑनलाइन पोर्टल पर दोनों दस्तावेजों को एक साथ दिखाने से ऐसा लग सकता था कि Form-6 में बदलाव कर दिया गया है। इसी प्रस्तुति को लेकर उठी चिंताओं के बाद दोनों को अलग करने का फैसला हुआ।

क्या पहले से मतदाता रहे लोग भी Form-6 भर सकते हैं?
एक अन्य महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण में आयोग ने कहा है कि जिन लोगों का नाम SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आया है, वे भी नाम दोबारा शामिल कराने के लिए Form-6 का इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले से मतदाता रहे लोगों को केवल इस वजह से आवेदन करने पर कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा कि Form-6 में पहली बार पंजीकरण से जुड़ी घोषणा मौजूद है।

इस बदलाव का मतदाताओं पर क्या असर होगा?
- नए मतदाताओं के लिए Form-6 वैधानिक आवेदन के रूप में अलग रहेगा।
- SIR वाले राज्यों में अतिरिक्त घोषणा अलग से जमा करनी होगी।
- दोनों दस्तावेजों के लिए अलग OTP और e-Sign की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम छूटने पर पात्र पुराने मतदाता भी Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने का आवेदन कर सकेंगे।
- Form-6 में औपचारिक कानूनी संशोधन नहीं किया गया है; बदलाव ऑनलाइन आवेदन की प्रस्तुति और प्रक्रिया में है।