प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी में 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी ऋतु शर्मा की गोली लगने से मौत हो गई। शुरुआती पुलिस जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। इस घटना ने इसलिए भी सबको झकझोर दिया है क्योंकि छात्रा को जिस मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतजार था, वहां MBBS की सीट उसके निधन के कुछ घंटे बाद जारी काउंसलिंग परिणाम में आवंटित हुई।
हालांकि, इस घटना को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में विरोधाभासी जानकारी सामने आई है। कुछ खबरों में कहा गया कि छात्रा को मेडिकल कॉलेज में सीट मिलने की जानकारी परिवार को बाद में मिली, जबकि पुलिस और समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट में बताया गया कि वह NEET में सफल नहीं हो पाई थी और अगले परीक्षा चक्र की तैयारी कर रही थी। इसलिए घटना के वास्तविक कारण को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कमरे में मिली छात्रा की लाश, पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
यह घटना 2 नवंबर 2026 को झूंसी के त्रिवेणीपुरम स्थित गंगा सेक्टर में सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रा अपने कमरे में थी और काफी देर तक बाहर नहीं निकली। परिजनों को संदेह होने पर कमरे की जांच की गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से छात्रा के पिता की लाइसेंसी पिस्टल बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस कमरे और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि घटना के समय और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
मौत के कुछ घंटे बाद सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में सीट आवंटित
इस मामले का सबसे विचलित करने वाला पहलू NEET काउंसलिंग से जुड़ा है। 2 नवंबर को जारी तीसरे राउंड की यूपी NEET काउंसलिंग सूची में ऋतु शर्मा को सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट आवंटित होने की जानकारी प्रकाशित हुई।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा को EWS-दिव्यांग श्रेणी के तहत सीट मिली थी। इससे पहले दो राउंड में उसे सीट नहीं मिल पाई थी। परिवार के अनुसार, काउंसलिंग में चयन न होने से वह निराश थी।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, छात्रा के परिवार से पूछताछ की जा रही है। PTI की रिपोर्ट में डीसीपी सिटी सागर जैन के हवाले से बताया गया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। उसमें परीक्षा पास न कर पाने की निराशा और परिजनों से माफी मांगने की बात लिखी होने का उल्लेख है।
वहीं, अन्य मीडिया रिपोर्टों में नोट के पन्नों और छात्रा की पढ़ाई से जुड़े तनाव का अलग-अलग विवरण दिया गया है। ऐसे में नोट की सामग्री और उससे जुड़े तथ्यों को पुलिस की आधिकारिक जांच के आधार पर ही अंतिम रूप से समझा जाना चाहिए।
पढ़ाई का दबाव और मानसिक तनाव भी जांच के दायरे में
परिवार की ओर से पुलिस को बताया गया कि ऋतु लंबे समय तक पढ़ाई करती थी। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वह अक्सर सुबह 4 से 5 बजे तक पढ़ती और दोपहर करीब 2:30 बजे उठती थी। परिजनों ने उसके मानसिक तनाव में रहने की बात भी बताई है।
हालांकि, केवल पढ़ाई या काउंसलिंग से जुड़ी निराशा को इस घटना का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि छात्रा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और क्या कोई अन्य वजह भी इस घटना से जुड़ी थी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को सामने रखा है। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को परीक्षा, रैंक, काउंसलिंग और भविष्य को लेकर दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों और अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे विद्यार्थियों की परेशानी को गंभीरता से लें और जरूरत पड़ने पर उन्हें मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद उपलब्ध कराएं। परीक्षा में सफलता या असफलता किसी विद्यार्थी के जीवन और भविष्य की कीमत तय नहीं करती।
फिलहाल प्रयागराज पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है। छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।