धनतेरस से पहले ज्वेलरी बाजार में खरीदारी की उम्मीद
देशभर में 6 नवंबर 2026 को धनतेरस मनाया जाएगा। इस मौके पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। त्योहार से पहले ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की आवाजाही और एडवांस बुकिंग बढ़ने की खबर है। ज्वेलर्स को उम्मीद है कि इस बार धनतेरस पर सोने की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने बिक्री में करीब 12 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। वहीं, ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने भी त्योहारी सीजन में लगभग 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद व्यक्त की है। ये उद्योग संगठनों और कारोबारियों के अनुमान हैं, अंतिम बिक्री के आंकड़े नहीं।
एडवांस बुकिंग और शादी का सीजन दे रहे बाजार को सहारा
ज्वेलर्स के मुताबिक, त्योहार से पहले ग्राहक सोने के आभूषणों के साथ चांदी के सिक्के और अन्य वस्तुओं की खरीदारी में भी रुचि दिखा रहे हैं। कई खरीदार एडवांस बुकिंग और कीमत पहले से तय कराने वाली योजनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
धनतेरस के तुरंत बाद आने वाला शादी का सीजन भी कारोबारियों के लिए अहम है। कुछ परिवार शादी के लिए गहनों की खरीदारी पहले ही कर रहे हैं, जिससे ज्वेलरी दुकानों को अतिरिक्त मांग मिलने की उम्मीद है।
ऊंची कीमतों के कारण हल्के गहनों की ओर झुकाव
सोने की कीमतें आम खरीदार के बजट पर असर डाल रही हैं। ऐसे में ग्राहक भारी हार और बड़े आभूषणों के बजाय हल्के डिजाइन, छोटी मात्रा में सोना और कम बजट वाले विकल्प पसंद कर रहे हैं।
ज्वेलर्स के अनुसार, 18 कैरेट सोने के आभूषण, हल्के स्टडेड डिजाइन और छोटे वजन के सिक्कों में भी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। पुराने सोने को एक्सचेंज कर नए गहने खरीदने का विकल्प भी ग्राहकों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बदल रही खरीदारी की रणनीति
धनतेरस से पहले सोने के भाव में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इकोनॉमिक टाइम्स की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 3 नवंबर के करीब ₹13,979 प्रति ग्राम से बढ़कर 5 नवंबर को लगभग ₹14,617 प्रति ग्राम पहुंच गया। यानी दो दिनों में करीब 4.56 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
इससे पहले अक्टूबर में सोने की कीमतों में नरमी आने के बाद ग्राहकों की खरीदारी में सुधार की खबरें आई थीं। कीमतों में हालिया तेजी के कारण अब ग्राहक अपने बजट के अनुसार वजन और डिजाइन चुनने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
बिक्री बढ़ने के अनुमानों पर सभी संगठनों की एक राय नहीं
बाजार की तस्वीर को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर भी ध्यान में रखना जरूरी है। जहां IBJA और AIJGF ने धनतेरस पर 10–12 प्रतिशत बिक्री वृद्धि की उम्मीद जताई है, वहीं ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने बिक्री की मात्रा पिछले साल के लगभग बराबर रहने का अनुमान दिया है।
GJC के मुताबिक, सोने की कीमतों में बदलाव के कारण कारोबार का कुल मूल्य बढ़ सकता है, भले ही खरीदे जाने वाले सोने की मात्रा में खास वृद्धि न हो। इसलिए बिक्री का मूल्य और सोने की वास्तविक मात्रा—दोनों अलग-अलग संकेतक हैं।
बाजार की असली तस्वीर धनतेरस के बाद सामने आएगी
धनतेरस के दिन ग्राहकों की वास्तविक खरीदारी, एडवांस बुकिंग का अंतिम बिक्री में बदलना और सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव यह तय करेंगे कि कारोबारियों के अनुमान कितने सही साबित होते हैं।
फिलहाल ज्वेलरी उद्योग को त्योहार और आगामी विवाह सीजन से उम्मीद है, लेकिन महंगे सोने के कारण खरीदारों की पसंद और खरीदारी का बजट पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।