बट्टाला इलाके में पुलिस का विशेष अभियान
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में पुलिस ने अवैध हथियारों की कथित सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह अभियान 4 नवंबर 2026 को पश्चिम त्रिपुरा जिले के बट्टाला इलाके में चलाया गया।
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग हथियारों की खेप लेकर शहर में पहुंचने वाले हैं। इसके बाद पश्चिम अगरतला पुलिस की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्धों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया।
तलाशी में तीन पिस्तौल और 50 कारतूस मिले
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार दोनों युवकों के कब्जे से ये सामान बरामद हुआ:
- 3 पिस्तौल
- 50 कारतूस
- 6 मैगजीन
- 2 मोबाइल फोन
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद कारतूस 7.65 एमएम के हैं। पिस्तौलों पर ‘Made in Italy’ लिखा होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, हथियारों की वास्तविक उत्पत्ति और निर्माण संबंधी विवरण की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक परीक्षण के बाद ही होगी।
बिहार से आने का दावा, पहचान की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों युवक त्रिपुरा के बाहर के रहने वाले हैं। शुरुआती पूछताछ में उन्होंने खुद को बिहार का निवासी बताया है। हालांकि, पुलिस ने उनकी पूरी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से लाए गए थे, अगरतला में इन्हें किसे सौंपा जाना था और इस कथित सप्लाई के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच में हथियारों की सप्लाई से जुड़े आगे और पीछे के संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
निकाय चुनाव से पहले सुरक्षा पर बढ़ी नजर
त्रिपुरा में 27 नवंबर 2026 को शहरी स्थानीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में हथियारों की इस बरामदगी ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध हथियारों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ाई है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बरामदगी को चुनावी हिंसा या किसी राजनीतिक गतिविधि से जोड़ने की पुष्टि नहीं की है। जांच का मुख्य उद्देश्य हथियारों के स्रोत, संभावित खरीदार और कथित सप्लाई नेटवर्क का पता लगाना है।
पुलिस जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
जांच एजेंसियां मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर ध्यान दे रही हैं—हथियार किस रास्ते से त्रिपुरा पहुंचे, इन्हें किस व्यक्ति या समूह तक पहुंचाया जाना था और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। जब्त मोबाइल फोन की जांच से भी संपर्कों और संभावित लेन-देन के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं या न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दी गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।