कक्षा में लौटते ही अचानक गिरी बच्ची
दिल्ली के पूर्वी इलाके मयूर विहार फेज-2 स्थित लवली हेरिटेज स्कूल में 4 नवंबर की सुबह एक दर्दनाक घटना हुई। कक्षा-3 में पढ़ने वाली 9 साल की छात्रा खेल की कक्षा से लौटकर अपने क्लासरूम में पहुंची थी। कुछ ही देर बाद वह अचानक जमीन पर गिर पड़ी। स्कूल में लगे CCTV कैमरे में यह घटना रिकॉर्ड हुई है।
पुलिस के मुताबिक, बच्ची सुबह करीब 9 बजे कक्षा में बेहोश होकर गिरी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गिरने से उसकी ठुड्डी पर चोट भी लगी। कक्षा में मौजूद शिक्षिका ने उसे उठाने और मदद करने की कोशिश की। इसके बाद स्कूल के कर्मचारी उसे अस्पताल लेकर गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
रिपोर्टों के मुताबिक, स्कूल स्टाफ पहले बच्ची को पांडव नगर के एक निजी अस्पताल ले गया। वहां से उसे दूसरे चिकित्सा केंद्र में ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद बच्ची को निर्माण विहार स्थित मलिक रेडिक्स हेल्थकेयर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली पुलिस को सुबह करीब 9:52 बजे घटना की सूचना मिली। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया तथा क्लासरूम का CCTV फुटेज जांच के लिए अपने कब्जे में लिया।
परिवार ने CPR और मेडिकल व्यवस्था पर उठाए सवाल
बच्ची के परिवार का आरोप है कि स्कूल में अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं थी। परिजनों ने सवाल उठाया कि बच्ची को तत्काल CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) क्यों नहीं दिया गया और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में देरी क्यों हुई।
परिवार ने यह भी सवाल किया कि स्कूल में प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी। पिता के मुताबिक, बच्ची पहले स्वस्थ थी और नियमित रूप से खेलकूद में हिस्सा लेती थी। हालांकि, ये परिवार के आरोप और बयान हैं; जांच में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
स्कूल प्रशासन ने क्या सफाई दी?
स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि बच्ची के गिरने के बाद स्टाफ ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। स्कूल प्रशासन का दावा है कि बच्ची को अस्पताल ले जाया गया और वहां डॉक्टरों ने संभावित कार्डियक अरेस्ट की बात कही। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि स्कूल में नर्स मौजूद थी।
स्कूल प्रशासन ने परिवार के आरोपों के उलट अपना पक्ष रखा है। इसलिए फिलहाल यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि चिकित्सा सहायता देने में लापरवाही हुई या नहीं। इसकी जांच पुलिस और संबंधित चिकित्सा रिपोर्ट के आधार पर होनी है।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच जारी
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में बच्ची की मौत के पीछे संभावित हृदय संबंधी समस्या की आशंका जताई गई है। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले मौत का निश्चित कारण बताना संभव नहीं है। पुलिस CCTV फुटेज, घटनाक्रम और स्कूल स्टाफ के बयानों की जांच कर रही है।
यह घटना स्कूलों में आपातकालीन चिकित्सा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी बच्चे के अचानक बेहोश होने या सामान्य रूप से सांस न लेने की स्थिति में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तत्काल CPR शुरू करना और आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।