उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आगामी दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस वर्ष 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने रामनगरी पहुंचकर प्रमुख आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य दीपोत्सव से पहले तैयारियों की वास्तविक स्थिति देखना और जहां कमी हो, उसे समय रहते दूर कराना था।
रामकथा पार्क से शुरू हुआ निरीक्षण
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1 बजे रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पर पहुंचा। इसके बाद उन्होंने रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और साकेत महाविद्यालय सहित प्रमुख आयोजन स्थलों की तैयारियों का निरीक्षण किया।
इन स्थानों पर दीपोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां, अतिथियों के स्वागत और अन्य आयोजन प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों की प्रगति और शेष कार्यों की जानकारी ली।
हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में किया दर्शन-पूजन
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वह श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और रामलला के दर्शन किए।
राम मंदिर परिसर में दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिर परिसर में इस बार लगभग एक लाख दीपक जलाने की योजना है। इसके लिए करीब एक हजार स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी तय की गई है और पूरे परिसर को पांच जोन में बांटा गया है।
अधिकारियों के साथ बैठक, सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने रामजन्मभूमि परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें दीपोत्सव के मुख्य अतिथियों, वीआईपी आगमन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर चर्चा प्रस्तावित थी।
प्रशासन ने पूरे आयोजन क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटा है। सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। येलो जोन कंट्रोल रूम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ने की व्यवस्था भी की जा रही है।
सरयू घाटों पर जलेंगे करीब 30 लाख दीप
इस वर्ष दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को होगा। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सरयू के घाटों पर लगभग 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है।
इसके अलावा आयोजन में 2,100 स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से रामायण के प्रसंगों का आकाशीय प्रदर्शन, लेजर शो, थ्री-डी प्रोजेक्शन और ग्रीन फायरवर्क्स भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक सांस्कृतिक शोभायात्रा निकालने की योजना है। इसमें विभिन्न राज्यों के लोक कलाकार रामायण से जुड़े प्रसंगों पर प्रस्तुतियां देंगे।
अमित शाह के संभावित आगमन को लेकर भी सुरक्षा समीक्षा
इस बार दीपोत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए वीवीआईपी सुरक्षा, आवागमन और कार्यक्रम स्थलों पर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
हालांकि, अमित शाह के आगमन की अंतिम आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है। मुख्यमंत्री की बैठक में इस संभावित दौरे से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर भी चर्चा की जानी है।
बारिश से प्रभावित हुई थीं तैयारियां
अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में हुई बारिश से कुछ तैयारियां प्रभावित हुई थीं, लेकिन पहले से किए गए इंतजामों के कारण कोई बड़ी समस्या नहीं आई।
प्रशासन का कहना है कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निरीक्षण में यदि कोई कमी सामने आती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा।
यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यातायात प्रबंधन की योजना तैयार की है।
- जिले के भीतर और आसपास के जिलों के लिए रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है।
- आयोजन क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटा गया है।
- सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
- अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की जा रही है।
- श्रद्धालुओं की आवाजाही और वीआईपी मूवमेंट के लिए अलग व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं।
अब 7 नवंबर के मुख्य आयोजन पर नजर
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद प्रशासन के सामने तैयारियों को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी है। अब राम की पैड़ी की सजावट, दीपों की व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, ड्रोन शो और सुरक्षा प्रबंधों को समय पर पूरा करना प्राथमिकता होगी।
अयोध्या का दसवां दीपोत्सव इस बार धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आधुनिक तकनीक के प्रदर्शन का भी बड़ा मंच बनने जा रहा है।