प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को रामपुर जेल में सामाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से पूछताछ की। यह जांच मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े धन शोधन के आरोपों में चल रही है।
ED की लखनऊ कार्यालय की टीम सुबह जेल पहुंची और आजम खान से ट्रस्ट के दान और वित्तीय लेनदेन के स्रोतों पर सवाल पूछे। जांच में जमा किए गए सबूतों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की गई।
पिछली जांच का विस्तार
अगस्त 19 को ED ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में 10 जगहों पर छापेमारी की थी। इस ऑपरेशन में जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेज़ जब्त किए गए थे।
ED की जांच से पता चला है कि कुछ ठेकेदारों ने सरकारी अनुबंधों से प्राप्त धन को ट्रस्ट और विश्वविद्यालय की ओर मोड़ा। इसमें काफी दान और निर्माण कार्य शामिल थे।
जेल में सजा काट रहे हैं आजम खान
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला अजम पैन कार्ड ठप्पेबाजी के मामले में दोनों को 10 साल की सजा दी गई थी। वे रामपुर जेल में यह सजा काट रहे हैं।
पहले से ही आजम खान के खिलाफ 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का एक और मामला था, जिसमें उन्हें 2 साल की सजा दी गई थी।
अन्य लोगों की पूछताछ
सामाजवादी पार्टी के विधायक नासिर अहमद खान की पहले 7 घंटे तक पूछताछ की गई थी। जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जहीरुद्दीन, आजम खान के चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल और ठेकेदार सलीम की भी ED ने जांच की थी।
रामपुर सदर के 10 बार के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान दशकों से सामाजवादी पार्टी का एक प्रभावशाली चेहरा रहे हैं।