Skip to content
24/7 News Uttar Pradesh
Breaking

माफियाराज का खात्मा योगी ने किया: केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी

महराजगंज में हुए संवाद में केंद्रीय मंत्री और मत्स्य मंत्री ने जिले के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की

महराजगंज में जागरण विमर्श कार्यक्रम में भरा हुआ सभागार
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

'विकसित उत्तर प्रदेश विकसित महराजगंज' विषय पर हुए इस विमर्श में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मुख्य अतिथि रहे। प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।

महराजगंज के होटल लेग्रैंड में मंगलवार को दैनिक जागरण ने 'जागरण विमर्श' का आयोजन किया। सुबह से शाम तक चले इस कार्यक्रम में सभागार पूरे दिन खचाखच भरा रहा।

पंकज चौधरी ने रखी विकास की तस्वीर

पंकज चौधरी ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित उत्तर प्रदेश के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश से माफियाराज खत्म कर दिया है। उनके अनुसार कानून-व्यवस्था बेहतर होना विकास के लिए बहुत जरूरी शर्त है।

चौधरी ने हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेल नेटवर्क और विमानन जैसे बुनियादी ढांचे के विस्तार को अर्थव्यवस्था की रफ्तार से जोड़ा। उन्होंने स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं के लिए बढ़ते मौकों का भी जिक्र किया।

उन्होंने एंजल टैक्स समाप्त होने का हवाला देते हुए बदलते आर्थिक माहौल की बात रखी।

संजय निषाद ने बताई नीति और निगरानी की भूमिका

मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने कहा कि नीति, निगरानी और निवेश के तालमेल से उत्तर प्रदेश में विकास तेज हुआ है। उन्होंने कहा, "विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महराजगंज जैसे जिलों का संतुलित विकास जरूरी है, जो तेजी से हो रहा है।"

निषाद ने कहा कि इस निगरानी व्यवस्था से कार्यों की प्रगति परखना और सुधार करना आसान हुआ है। उन्होंने अपने संबोधन में बदले हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर भी सामने रखी।

अलग-अलग सत्रों में उठे जिले के मुद्दे

विमर्श के दौरान कई सत्रों में महराजगंज की नई संभावनाओं और मौजूदा चुनौतियों पर बात हुई। पर्यटन सत्र में जिले की भौगोलिक और सांस्कृतिक खासियतों को अवसर में बदलने पर जोर दिया गया।

उद्योग संबंधी चर्चा में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते सुझाए गए। भारत-नेपाल संबंधों पर हुई बातचीत में सीमा को केवल भौगोलिक विभाजन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक जुड़ाव के अवसर के रूप में देखा गया।

वनटांगिया क्षेत्र पर हुए सत्र में विकास की मुख्यधारा से जुड़े इलाकों की उपलब्धियों और आगे की जरूरतों पर चर्चा हुई। प्रशासनिक और सुरक्षा सत्र में मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था पर विस्तार से बात हुई।

कार्यक्रम में लोगों की सक्रिय भागीदारी ने इसकी अहमियत को दिखाया। जिले में पहली बार हुए इस बड़े आयोजन की लोगों ने सराहना की और सामाजिक मुद्दों पर संवाद के लिए दैनिक जागरण को धन्यवाद दिया।

With inputs from दैनिक जागरण