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जेल से बाहर आते ही आजम खान को ED ने फिर पकड़ा, जौहर यूनिवर्सिटी मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत

दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहा हुए सपा नेता को कुछ ही मिनटों में ED ने गिरफ्तार कर लिया। अब उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल भेजा गया है।

जेल से बाहर आते ही आजम खान को ED ने फिर पकड़ा, जौहर यूनिवर्सिटी मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की जेल से रिहाई के तुरंत बाद एक बार फिर गिरफ्तारी हो गई। रामपुर जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई।

आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद 31 अक्टूबर 2026 को जेल से रिहा किया गया था। लेकिन जेल के बाहर पहले से मौजूद ED अधिकारियों ने उन्हें अपने साथ ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।

रिहाई के कुछ मिनट बाद ED की कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। शनिवार शाम रामपुर जेल में रिहाई की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों बाहर आए।

जेल के बाहर आजम खान के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसी दौरान ED की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ वहां पहुंची। आजम खान के बाहर आते ही अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तारी से संबंधित दस्तावेज दिखाए और अपने साथ चलने को कहा।

इस दौरान आजम खान और ED अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। कुछ देर बाद एजेंसी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम जेल से रिहा होकर घर चले गए।

जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग जांच के घेरे में
ED की कार्रवाई रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हुई है। आजम खान इस विश्वविद्यालय के संस्थापक हैं और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण और उससे जुड़े कार्यों में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की भूमिका रही। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर सरकारी धन का इस्तेमाल किस तरह हुआ और धन का अंतिम लाभ किसे मिला।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने इस मामले में पहले भी जांच की थी और अक्टूबर 2026 में नई कार्रवाई के तहत मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, एजेंसी के आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में होना बाकी है।

ED ने अदालत से मांगी हिरासत, 14 दिन की न्यायिक कस्टडी
गिरफ्तारी के बाद ED ने आजम खान को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत में पेश किया। एजेंसी ने मामले की जांच के लिए उन्हें हिरासत में रखने की मांग की।

1 नवंबर 2026 को अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल ले जाया गया। इस तरह दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बावजूद वह तत्काल जेल से बाहर नहीं रह सके।

आजम खान ने गिरफ्तारी पर क्या कहा?
जेल से बाहर आने के बाद आजम खान ने मीडिया से बातचीत में ED की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब कहने के लिए कुछ नहीं बचा है। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्हें मुस्लिम होने की सजा मिल रही है और क्या विश्वविद्यालय तथा स्कूल बनाना उनका अपराध है।

आजम खान के इन बयानों के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं ED का कहना है कि कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई है।

गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
2 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, आजम खान ने ED की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी कानूनी टीम का तर्क है कि एक मामले में जेल से रिहाई के तुरंत बाद दूसरे मामले में गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। इस चुनौती पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना बताई गई है।