लखनऊ में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ और उसके पति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना पारा थाना क्षेत्र के हंसखेड़ा मोड़ के पास की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि देर रात महिला अपने पति के साथ बाहर निकली थी, तभी SUV सवार कुछ लोगों ने उसके साथ अभद्रता की। विरोध करने पर दंपती के साथ मारपीट की गई और भागते समय महिला को वाहन से कुचलने की कोशिश भी की गई।
पुलिस ने पीड़ित महिला के पति की शिकायत के आधार पर पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
पत्नी के पेट में दर्द के बाद घर से निकला था दंपती
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, बुधवार देर रात गर्भवती महिला के पेट में दर्द हुआ था। उसका पति उसे दिखाने के लिए घर से लेकर निकला था। हंसखेड़ा मोड़ के पास दोनों किसी सवारी वाहन का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान वहां एक SUV में सवार दो युवक और तीन महिलाएं पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक, SUV सवार लोगों का एक बस चालक से ओवरटेक को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद SUV सवार युवकों ने बस चालक के साथ मारपीट की।
इसके बाद दोनों युवक दंपती के पास पहुंचे और महिला के साथ छेड़छाड़ करने लगे, ऐसा पीड़ित पक्ष का आरोप है।
विरोध करने पर दंपती से मारपीट का आरोप
महिला के पति ने जब इस व्यवहार का विरोध किया तो कथित तौर पर दोनों युवकों ने अपने साथ मौजूद महिलाओं के साथ मिलकर दंपती के साथ मारपीट की।
घटना के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ने पर SUV सवार युवक वहां से निकलने की कोशिश करने लगे। आरोप है कि वाहन से भागते समय उन्होंने गर्भवती महिला को गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया।
हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। दोनों युवक वहां से निकलने में सफल रहे। घटना के बाद नाराज लोगों ने SUV पर पथराव भी किया।
पुलिस ने तीन महिलाओं को भीड़ से बचाकर थाने पहुंचाया
घटना की सूचना मिलने के बाद पारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मौजूद तीन महिलाओं को पुलिस ने भीड़ से सुरक्षित निकालकर थाने पहुंचाया।
पुलिस ने उनके नाम-पते दर्ज किए और मेडिकल जांच कराई। रिपोर्टों के अनुसार बाद में उन्हें घर भेज दिया गया। दूसरी ओर, पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बताई जा रही SUV को कब्जे में लेकर सीज कर दिया।
पुलिस को वाहन से शराब की बोतलें मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस बरामदगी और घटना के बीच किसी आपराधिक भूमिका का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
CCTV और वायरल वीडियो बनी जांच का आधार
पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई है।
पारा पुलिस के अनुसार, इन फुटेज और वीडियो की मदद से संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआती जांच में आरोपियों में से एक के वकील होने की जानकारी सामने आने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है, लेकिन इसकी पुष्टि और अन्य आरोपियों की पहचान जांच का विषय है।
पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर फिलहाल पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसलिए जब तक पुलिस औपचारिक रूप से किसी व्यक्ति की पहचान और भूमिका की पुष्टि नहीं करती, तब तक आरोपियों के नाम या उनकी भूमिका को तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
इस मामले में अभी कई अहम सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे—घटना में शामिल सभी लोगों की वास्तविक पहचान क्या है, विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, महिला के साथ कथित छेड़छाड़ और वाहन से कुचलने के प्रयास के आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटनास्थल के CCTV फुटेज क्या बताते हैं।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और उपलब्ध वीडियो साक्ष्य, CCTV फुटेज तथा शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल आरोपों को जांच के दौरान सत्यापित किया जाना बाकी है।