सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में सरकारी/संस्थागत जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम गहरू में भारतीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान यानी NBRI (National Botanical Research Institute) के नाम दर्ज जमीन पर की जा रही कथित अवैध प्लॉटिंग को जेसीबी की मदद से हटाया गया। प्रशासन के मुताबिक, अभियान के दौरान करीब 1.5 हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त कराई गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के बाद मुक्त कराई गई जमीन का कब्जा NBRI को सौंप दिया गया, ताकि संस्थान की भूमि पर दोबारा अतिक्रमण न हो और उसका इस्तेमाल निर्धारित संस्थागत उद्देश्यों के लिए किया जा सके।
4.828 हेक्टेयर जमीन NBRI के नाम दर्ज
तहसील प्रशासन के अनुसार, ग्राम गहरू में गाटा संख्या 591ख में कुल करीब 4.828 हेक्टेयर भूमि NBRI के नाम दर्ज है। इस जमीन पर अवैध प्लॉटिंग किए जाने की सूचना के बाद राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति की जांच की गई। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया।
कार्रवाई का नेतृत्व उप जिलाधिकारी सरोजनीनगर अभिषेक सिंह और तहसीलदार जेपी सिंह की निगरानी में किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी के जरिए अवैध प्लॉटिंग और उससे जुड़े निर्माण/ढांचों को हटाया।
करीब तीन हेक्टेयर जमीन पर अभी कार्रवाई बाकी
प्रशासन की कार्रवाई पूरी जमीन पर एक ही दिन में पूरी नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार, अभियान के दौरान सूर्यास्त हो जाने के कारण करीब तीन हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाने का काम बाकी रह गया। तहसील प्रशासन ने संकेत दिया है कि शेष जमीन को भी आगामी दिनों में कब्जामुक्त कराकर NBRI को सौंपा जाएगा।
इसका मतलब है कि अभी अभियान का एक हिस्सा पूरा हुआ है, जबकि बाकी भूमि पर कार्रवाई आगे जारी रह सकती है।
प्रशासन की कार्रवाई क्यों अहम है?
किसी सरकारी या केंद्रीय संस्थान के नाम दर्ज जमीन पर अवैध प्लॉटिंग और कब्जे की स्थिति केवल स्थानीय अतिक्रमण का मामला नहीं होती। ऐसी जमीन संस्थान की संपत्ति होती है और उसका इस्तेमाल अनुसंधान, प्रशासनिक गतिविधियों या अन्य निर्धारित सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ऐसे में जमीन को कब्जामुक्त कराकर संबंधित संस्थान को वापस सौंपना प्रशासन की ओर से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
गहरू की कार्रवाई यह भी दिखाती है कि राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी/संस्थागत स्वामित्व वाली जमीन पर यदि अवैध प्लॉटिंग या कब्जे की पुष्टि होती है, तो प्रशासन मौके पर कार्रवाई कर सकता है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल करीब 1.5 हेक्टेयर भूमि को कब्जामुक्त कर NBRI को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं लगभग तीन हेक्टेयर जमीन पर कार्रवाई अभी बाकी बताई गई है। प्रशासन की ओर से शेष भूमि को भी जल्द कब्जामुक्त कराने की बात कही गई है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि बाकी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कब और किस स्तर पर पूरी होती है, तथा भविष्य में संस्थान की जमीन पर दोबारा अवैध प्लॉटिंग रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
एक जरूरी तथ्य
यहां बताई गई ₹15 करोड़ की राशि प्रशासन द्वारा बताई गई अनुमानित बाजार कीमत है। इसे जमीन में निवेश की गई राशि या किसी व्यक्ति द्वारा किए गए नुकसान की रकम के रूप में नहीं समझना चाहिए। इसी तरह, उपलब्ध रिपोर्टों में कार्रवाई को अवैध प्लॉटिंग/अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में बताया गया है।