उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस की रात्रि गश्त और ड्यूटी व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और रात की गश्त में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को उनके मौजूदा फील्ड दायित्वों से हटा दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के निर्देश पर पूर्वी, दक्षिणी और मध्य जोन में कराई गई औचक जांच के बाद हुई। जांच में कुछ पुलिसकर्मी निर्धारित ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
पूर्वी जोन: दो चौकी प्रभारी हटाए गए
पूर्वी जोन में गाजीपुर थाने की अरावली चौकी प्रभारी अर्चना और चिनहट थाने की कमता चौकी प्रभारी शशिकांत ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए।
कार्रवाई के तहत दोनों को चौकी प्रभारी के पद से हटाकर संबंधित थानों से संबद्ध कर दिया गया है। अब वे पहले की तरह चौकी प्रभारी के रूप में फील्ड जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे।
दक्षिणी और मध्य जोन में तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
दक्षिणी जोन के सरोजनीनगर थाने में तैनात उपनिरीक्षक आशीष कुमार और सिपाही सतेंद्र यादव को लाइन हाजिर किया गया है।
वहीं, मध्य जोन के महानगर थाने की निशातगंज चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार भी रात्रि गश्त के दौरान अनुपस्थित मिले। उन्हें भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
तीन जोन में कराई गई थी औचक जांच
पुलिस आयुक्त के आदेश पर पूर्वी, दक्षिणी और मध्य जोन में रात के समय पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और गश्त की स्थिति जांची गई थी। इस दौरान अधिकारियों ने यह देखा कि निर्धारित पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी स्थल पर मौजूद हैं या नहीं और रात्रि गश्त की जिम्मेदारी निभाई जा रही है या नहीं।
जांच में सामने आई गैरहाजिरी और लापरवाही के आधार पर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। संबंधित अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस आयुक्त ने निगरानी बढ़ाने के दिए निर्देश
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रात्रि गश्त में लापरवाही और ड्यूटी से गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों को नियमित रूप से रात की गश्त की निगरानी करने और अलग-अलग स्थानों पर औचक निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रात्रि गश्त का उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बनाए रखना, आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है मामला
शहर में रात के समय पुलिस की सक्रियता अपराध नियंत्रण और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की गैरहाजिरी से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इस कार्रवाई के बाद यह देखना अहम होगा कि अलग-अलग जोन में रात्रि गश्त की निगरानी कितनी नियमित होती है और विभागीय जांच में संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही किस तरह तय की जाती है।