लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार, 27 अक्टूबर को आयोजित TOI Youth Icons Summit & Awards 2026 – UP Chapter में प्रदेश के युवाओं के भविष्य और बदलते उत्तर प्रदेश को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में युवा उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ-साथ रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और प्रदेश के विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े युवा achievers, उद्यमी, खिलाड़ी, कलाकार और सार्वजनिक जीवन की हस्तियां शामिल हुईं। आयोजन का फोकस केवल उपलब्धियों को सम्मान देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सवाल भी सामने आया कि बदलते उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए नई नौकरियां, कारोबार और करियर के अवसर किस तरह बढ़ रहे हैं।
Jobs से लेकर Startups तक—युवाओं के सामने नई संभावनाएं
कार्यक्रम के प्रमुख सत्रों में से एक “Degree to Destiny: Jobs, Skills and Startups in the New UP” रहा। इसमें शिक्षा से रोजगार तक के सफर, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को लेकर चर्चा हुई। इसका मुख्य विचार यही रहा कि आज के युवा के लिए केवल पारंपरिक नौकरी ही करियर का रास्ता नहीं है; स्किल्स, टेक्नोलॉजी और entrepreneurship के जरिए रोजगार पैदा करने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के युवाओं की innovation, entrepreneurship और उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति अपनी प्रतिभा और मेहनत के जरिए संभावनाओं को उपलब्धियों में बदल रही है।
TOI की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में 25,000 startups होने की बात भी कही और रोजगार, स्टार्टअप तथा MSME सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर जोर दिया।
Connectivity भी युवाओं के विकास का अहम हिस्सा
कार्यक्रम में सिर्फ नौकरी और कारोबार की बात नहीं हुई। “UP We Live In: Safety, Connectivity and Culture Through Young Eyes” नामक पैनल में युवाओं की नजर से प्रदेश में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और संस्कृति में आए बदलावों पर चर्चा हुई।
कनेक्टिविटी को रोजगार से सीधे जोड़कर भी देखा जा सकता है। बेहतर सड़क, परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी से युवाओं के लिए शिक्षा, नौकरी, व्यापार और उद्यमिता के अवसरों तक पहुंच आसान हो सकती है। खासकर छोटे शहरों और जिलों से आने वाले युवाओं के लिए बेहतर connectivity उनके स्थानीय अवसरों को बड़े बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इसी संदर्भ में कार्यक्रम में “Small Town, Big Stage” जैसे सत्र भी रखे गए, जिसमें उत्तर प्रदेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच बनाने वाली प्रतिभाओं की यात्रा पर चर्चा हुई।
2030 तक Manufacturing Hub बनने की महत्वाकांक्षा
Youth Icons कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और उद्योग से जुड़े भविष्य पर भी चर्चा हुई। राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश को 2030 तक global manufacturing और manpower supply hub बनाने की महत्वाकांक्षा पर बात की।
इस लक्ष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी योजनाओं, AI और नई तकनीक को महत्वपूर्ण माना गया। अगर औद्योगिक निवेश और विनिर्माण क्षमता का विस्तार होता है तो इसका असर केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि skilled workforce, MSMEs, startups और स्थानीय रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है।
युवाओं के लिए इसका मतलब यह है कि आने वाले वर्षों में केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भरता के बजाय private sector, manufacturing, technology और entrepreneurship में भी नए रास्ते खुल सकते हैं।
Ravi Kishan ने युवाओं से Skills पर जोर देने को कहा
कार्यक्रम में अभिनेता और सांसद रवि किशन ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया के केवल उपभोक्ता बनने के बजाय technology और skills का इस्तेमाल अवसर पैदा करने के लिए करने की अपील की। उन्होंने युवाओं को देश के वर्तमान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए अपने कौशल और क्षमता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
उनका संदेश खास तौर पर ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म, AI और नई तकनीक तेजी से करियर के पुराने तरीकों को बदल रहे हैं।
Suhas LY का संदेश—अपने क्षेत्र में Top बनने की कोशिश
पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी और IAS अधिकारी सुहास एलवाई ने भी कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत की। उन्होंने अपने खेल और प्रशासनिक सेवा के अनुभव के आधार पर युवाओं को अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और लगातार बेहतर बनने की प्रेरणा दी।
उनकी यात्रा इस बात का उदाहरण रही कि लगातार मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य पर फोकस अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता की राह बना सकता है।
सिर्फ नौकरी नहीं, रोजगार देने की क्षमता पर भी जोर
Youth Icons Summit की एक अहम थीम यह रही कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को केवल job seekers के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। स्टार्टअप और entrepreneurship के विस्तार के साथ युवा खुद employment generators भी बन सकते हैं।
यही वजह है कि कार्यक्रम में enterprise, sports, society, culture और social media जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को पहचान दी गई। इसका उद्देश्य यह दिखाना भी था कि युवा सफलता का दायरा केवल सरकारी या कॉरपोरेट नौकरी तक सीमित नहीं है।
UP के विकास की कहानी में Youth की भूमिका
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में युवाओं की आबादी और workforce development आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। लेकिन इसके लिए education के साथ employable skills, industry exposure, entrepreneurship support और बेहतर infrastructure की जरूरत होगी।
Youth Icons Summit में हुई चर्चाओं ने इसी बड़े सवाल को सामने रखा कि अगर उत्तर प्रदेश को तेजी से विकसित अर्थव्यवस्था बनना है तो युवाओं को उस विकास प्रक्रिया में केवल लाभार्थी नहीं बल्कि सक्रिय भागीदार बनाना होगा।
कार्यक्रम में सामने आई चर्चाएं यह संकेत देती हैं कि उत्तर प्रदेश के विकास की अगली कहानी में Jobs + Skills + Startups + Connectivity चार महत्वपूर्ण स्तंभ हो सकते हैं।
2027 से पहले Youth Agenda भी महत्वपूर्ण
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार और युवा अवसर राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों में विकास, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्यमिता पर होने वाली चर्चा का महत्व बढ़ जाता है।
हालांकि Youth Icons Summit का उद्देश्य चुनावी राजनीति नहीं था, लेकिन युवा रोजगार और विकास जैसे मुद्दे आने वाले समय में प्रदेश की सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रह सकते हैं।