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लखनऊ ट्रिपल मर्डर का नया वीडियो: आरोपी ने पिता-बेटे समेत तीन लोगों पर बेहद करीब से चलाई गोलियां

सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला में हुए तिहरे हत्याकांड के कई दिन बाद सामने आए वीडियो में आरोपी ऋषभ शुक्ल कथित तौर पर एक-एक करके तीन लोगों पर फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। आरोपी वीडियो में खुद को आत्मरक्षा में गोली चलाने का दावा भी करता सुनाई देता है। DGP ने पीड़ित परिवार से मिलकर तेज सुनवाई और सुरक्षा का भरोसा दिया है।

लखनऊ ट्रिपल मर्डर का नया वीडियो: आरोपी ने पिता-बेटे समेत तीन लोगों पर बेहद करीब से चलाई गोलियां
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने खोली घटना की नई परत
लखनऊ के सआदतगंज इलाके के ब्राह्मणी टोला में हुए तिहरे हत्याकांड की जांच के बीच 29 और 30 अक्टूबर को सामने आए दो वीडियो ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। वीडियो में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ल कथित तौर पर तीन लोगों पर एक के बाद एक गोली चलाता दिखाई दे रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस की 31 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, फुटेज में पिता-बेटे समेत पीड़ितों पर बेहद करीब से फायरिंग किए जाने के दृश्य दिखाई देते हैं। वीडियो में परिवार के लोगों की चीख-पुकार और घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी भी सुनाई देती है।

पार्किंग और चबूतरे के विवाद से शुरू हुआ था झगड़ा
यह घटना 26 अक्टूबर 2026 को हुई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दो पड़ोसी परिवारों के बीच वाहन पार्किंग और बरगद के पेड़ के पास खाली जमीन पर चबूतरा बनाए जाने को लेकर विवाद चल रहा था।

विवाद बढ़ने के बाद कथित तौर पर ऋषभ शुक्ल ने गोलीबारी की, जिसमें एक ही परिवार के तीन पुरुषों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया था।

वीडियो में पिता-बेटे पर करीब से फायरिंग का दृश्य
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में वीडियो के घटनाक्रम का विवरण दिया गया है। फुटेज के अनुसार:
- सुयश और ऋषभ के बीच कार के पास हाथापाई होती दिखाई देती है।
- इसके बाद आरोपी कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर सुयश पर दो गोलियां चलाता है।
- शिवेंद्र तिवारी के भाई शिवाजी तिवारी उन्हें बचाने के लिए आगे आते दिखाई देते हैं।
- वीडियो में आरोपी द्वारा शिवाजी के सिर के पास बेहद करीब से गोली चलाने का दृश्य बताया गया है।
- घटनास्थल पर मौजूद परिवार के सदस्य मदद के लिए चिल्लाते सुनाई देते हैं।

गोली चलाने के बाद आरोपी ने क्या कहा?
दूसरे वीडियो में आरोपी हाथ में पिस्तौल लेकर घटनास्थल पर घूमता और गुस्से में चिल्लाता दिखाई देता है। वह बार-बार दावा करता सुनाई देता है कि उस पर हमला हुआ था और उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में आरोपी यह कहते हुए सुनाई देता है कि उसे ईंटों से मारा गया था। वह अपनी कार्रवाई को आत्मरक्षा बताता है।

हालांकि, आत्मरक्षा का यह दावा आरोपी का पक्ष है, इसकी कानूनी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को वीडियो, फोरेंसिक साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनाक्रम की जांच के आधार पर यह तय करना होगा कि वास्तव में क्या हुआ था।

पोस्टमार्टम में मिले थे कई गोलियों के निशान
इससे पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों मृतकों के शरीर पर दो-दो गोली लगने के निशान मिलने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस की शुरुआती बैलिस्टिक जांच में घटनास्थल पर करीब 10 राउंड फायरिंग होने की आशंका जताई गई थी।

पुलिस ने आरोपी के पास से कथित तौर पर इस्तेमाल की गई .30 बोर की देसी पिस्तौल, कारतूस और खाली खोखे बरामद किए थे। हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि गोलियों और कारतूसों का मिलान किया जा सके।

छह आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ल समेत उसके परिवार के कुल छह सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ल और बहन दिव्या शुक्ल की तलाश जारी है।

दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ₹25,000-₹25,000 का इनाम घोषित किया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के दौरान कथित तौर पर किसने हथियार और कारतूस उपलब्ध कराए और प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।

DGP ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
31 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। परिवार ने सुरक्षा, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की तेज सुनवाई की मांग रखी।

DGP ने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने और मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के प्रयास का भरोसा दिया। पुलिस ने जल्द चार्जशीट दाखिल करने की बात भी कही है।

जांच में अब इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
- क्या गोलीबारी से पहले दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी?
- आरोपी का आत्मरक्षा का दावा कितना सही है?
- हथियार और कारतूस कहां से आए?
- घटना के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों की क्या भूमिका थी?
- क्या पहले मिली शिकायतों पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की थी?
पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वीडियो महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत में प्रस्तुत सबूतों के आधार पर ही निकलेगा।