सोशल मीडिया की दोस्ती से शुरू होता था कथित ठगी का खेल
उत्तर प्रदेश के मथुरा में पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाकर ठगी करने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिलाओं से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करता था और धीरे-धीरे उनके साथ नजदीकी बढ़ाकर भरोसा जीतने की कोशिश करता था।
पुलिस का आरोप है कि इसके बाद वह महिलाओं के मन में उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश करता था। आरोप है कि महिलाओं को डराने और गुमराह करने के बाद वह उन्हें अपने प्रभाव में लेता और फिर कथित तौर पर उनके कीमती सोने-चांदी के आभूषण हासिल कर लेता था।
मथुरा पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान लोकेन्द्र, निवासी नगला सुखा, थाना मुरसान, जिला हाथरस के रूप में बताई है।
माल गोदाम रोड से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ एक पीड़िता की शिकायत के आधार पर 9 सितंबर 2026 को थाना हाईवे, मथुरा में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई और आरोपी की तलाश की जा रही थी।
रिपोर्ट के अनुसार, 25 अक्टूबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दोपहर करीब 1:44 बजे माल गोदाम रोड, मथुरा से लोकेन्द्र को गिरफ्तार किया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कथित तौर पर इसी तरीके से कितनी अन्य महिलाओं को निशाना बनाया और क्या उसके खिलाफ सामने आए मामले के अलावा दूसरे मामलों से भी कोई संबंध है।
पति और परिवार के खिलाफ शक पैदा करने का आरोप
इस मामले का सबसे अलग पहलू आरोपी का कथित तरीका बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह सिर्फ महिलाओं से सोशल मीडिया पर संपर्क नहीं करता था, बल्कि बातचीत के दौरान उनके निजी और पारिवारिक मामलों को समझने की कोशिश करता था।
आरोप है कि वह महिलाओं के मन में उनके पति और परिवार के लोगों को लेकर संदेह पैदा करता था। धीरे-धीरे वह खुद को भरोसेमंद व्यक्ति के तौर पर पेश करने की कोशिश करता था और महिलाओं को डराने या गुमराह करने के बाद कथित तौर पर ठगी करता था।
हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है। इसलिए आरोपी ने किन-किन महिलाओं के साथ क्या किया और प्रत्येक मामले में उसकी भूमिका क्या थी, यह अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।
₹30 लाख के गहने बरामद होने का दावा
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से करीब ₹30 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान में कई प्रकार के आभूषण शामिल बताए गए हैं।
इनमें कंठी और चेन, ओम लॉकेट वाली चेन, अंगूठियां, कान के टॉप्स, लॉकेट, हार, कंगन, चूड़ियां और मंगलसूत्र शामिल हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद गहने किन पीड़ितों से जुड़े हैं और क्या इनकी पहचान मौजूदा शिकायतों या अन्य मामलों से की जा सकती है।
पुलिस को और पीड़ितों की तलाश
मथुरा पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कथित तरीका केवल एक मामले तक सीमित था या आरोपी ने कई महिलाओं को इसी पैटर्न से निशाना बनाया।
जांच एजेंसी सोशल मीडिया संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस पहलू की पड़ताल कर रही है। अगर दूसरे मामलों से भी कोई लिंक सामने आता है तो केस का दायरा और बढ़ सकता है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। रिपोर्टों में हाथरस जंक्शन और मुरसान थाने में उसके खिलाफ अन्य मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इन पुराने मामलों की प्रकृति और वर्तमान केस से उनका संबंध अलग जांच का विषय है।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करना पड़ सकता है भारी
यह मामला सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क और निजी जानकारी साझा करने को लेकर भी सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी अनजान व्यक्ति का लगातार परिवार के सदस्यों के खिलाफ शक पैदा करना, निजी जानकारी हासिल करना, भावनात्मक दबाव बनाना या आर्थिक मदद/कीमती सामान मांगना खतरे का संकेत हो सकता है।
ऐसी स्थिति में बातचीत के स्क्रीनशॉट, प्रोफाइल लिंक, फोन नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर ठगी हो जाए तो तुरंत पुलिस या साइबर अपराध से जुड़े आधिकारिक माध्यमों पर शिकायत करनी चाहिए।
जांच में डिजिटल कड़ियां अहम होंगी
क्योंकि कथित तौर पर संपर्क सोशल मीडिया से शुरू होता था, इसलिए आगे की जांच में डिजिटल बातचीत और सोशल मीडिया संपर्क अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था, किन प्रोफाइलों से बातचीत करता था और कथित ठगी के बाद सामान कहां ले जाया जाता था।
फिलहाल मथुरा पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और कथित नेटवर्क के दूसरे संभावित पीड़ितों तथा मामलों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस कार्रवाई के बाद अब आगे की जांच
लोकेन्द्र की गिरफ्तारी और करीब ₹30 लाख के आभूषणों की बरामदगी को पुलिस ने मामले में महत्वपूर्ण सफलता बताया है। लेकिन इस केस की पूरी तस्वीर तभी सामने आएगी, जब बरामद सामान की पहचान, डिजिटल संपर्कों और अन्य शिकायतों के बीच संबंध स्पष्ट होंगे।
अभी तक सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस का आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क कर उनका भरोसा जीतता, पारिवारिक रिश्तों में अविश्वास पैदा करता और फिर कथित तौर पर कीमती सामान हासिल करता था।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।