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मिशन 2027 के लिए भाजपा का नया दांव: वीडी शर्मा संभालेंगे यूपी में सामाजिक और पेशेवर समूहों से संपर्क की कमान

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा बूथ स्तर से लेकर अलग-अलग जातीय, सामाजिक और कारोबारी वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को नवगठित प्रकोष्ठों के माइक्रो मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी गई है।

मिशन 2027 के लिए भाजपा का नया दांव: वीडी शर्मा संभालेंगे यूपी में सामाजिक और पेशेवर समूहों से संपर्क की कमान
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना संगठनात्मक अभियान तेज कर दिया है। पार्टी अब केवल बड़ी रैलियों और जनसभाओं पर निर्भर रहने के बजाय बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच सीधा संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

इस रणनीति के तहत मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय संकुल प्रकोष्ठ संयोजक वीडी शर्मा को उत्तर प्रदेश में प्रकोष्ठों के माइक्रो मैनेजमेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 2 नवंबर को लखनऊ पहुंचकर वे विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजकों और सह-संयोजकों के साथ बैठक करने वाले हैं। इसमें सामाजिक, जातीय और पेशेवर समूहों तक पहुंच बनाने की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।


जातीय और सामाजिक समीकरणों पर विशेष ध्यान
भाजपा की योजना समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने की है। इसके लिए पार्टी के प्रकोष्ठों को संपर्क और फीडबैक जुटाने का माध्यम बनाया जाएगा।

रणनीति में विभिन्न जातीय बिरादरियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और पेशेवर समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर है। पार्टी इन समूहों की अपेक्षाओं, स्थानीय समस्याओं और सरकार या संगठन से जुड़ी नाराजगी का फीडबैक भी नेतृत्व तक पहुंचाना चाहती है।

डॉक्टर, वकील, व्यापारी और उद्योग जगत तक पहुंच
भाजपा की पहुंच बढ़ाने की योजना में केवल परंपरागत राजनीतिक और सामाजिक समूह ही नहीं, बल्कि पेशेवर और कारोबारी वर्ग भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी डॉक्टरों, वकीलों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और बुद्धिजीवियों जैसे प्रभावशाली पेशेवरों की पहचान कर उनसे संपर्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही ऐसे पुराने पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं को भी दोबारा सक्रिय करने की कोशिश होगी, जो संगठन में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी
भाजपा की चुनावी रणनीति का एक अहम हिस्सा घर-घर संपर्क अभियान भी है। पार्टी ने योजना बनाई है कि हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता जिम्मेदारी संभालेगा।

इसके अलावा जिला और विधानसभा स्तर पर चुनाव संचालन समितियां गठित करने, विधानसभा क्षेत्रों में प्रवासी प्रभारियों की नियुक्ति और शक्ति केंद्रों तथा बूथों पर संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 

महिलाओं, युवाओं और नए मतदाताओं पर भी नजर
पार्टी की योजना में महिला मतदाताओं, युवाओं, पहली बार वोट देने वाले नागरिकों, किसानों, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, छोटे व्यापारियों और पूर्व सैनिकों तक पहुंच बनाना भी शामिल है।

भाजपा नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर संवाद करने और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया है। दिवाली के बाद नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरवाने का विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी है।

छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राओं की तैयारी

भाजपा ने प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में जनसंपर्क और कार्यकर्ता सक्रियता बढ़ाने के लिए पदयात्राओं का कार्यक्रम भी बनाया है। पार्टी की योजना के मुताबिक, 3 से 5 नवंबर के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में वरिष्ठ नेता इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
तारीख क्षेत्र और स्थान प्रमुख नेता
3 नवंबर अवध – लखनऊ शिवराज सिंह चौहान
3 नवंबर ब्रज – बरेली जेपी नड्डा
4 नवंबर गोरक्ष – गोरखपुर नितिन नवीन
4 नवंबर काशी – प्रयागराज केशव प्रसाद मौर्य
5 नवंबर पश्चिम – गाजियाबाद योगी आदित्यनाथ
5 नवंबर कानपुर-बुंदेलखंड – कानपुर ब्रजेश पाठक

प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी ने जिला और विधानसभा स्तर पर चुनाव संचालन समितियां बनाने तथा कार्यकर्ताओं को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपने की भी योजना बनाई है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण को भी बनाया जाएगा प्राथमिकता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठनात्मक बैठकों में मतदाता सूची के सत्यापन और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर ध्यान देने को कहा है। पार्टी की योजना है कि पात्र नए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरने में मदद मिले और बूथ स्तर पर कार्यकर्ता इस प्रक्रिया के दौरान सक्रिय रहें।

आगे क्या?
वीडी शर्मा की बैठक के बाद प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियों और संपर्क अभियानों का खाका सामने आने की उम्मीद है। इसके बाद जिला और विधानसभा स्तर पर कार्ययोजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मिशन-2027 के तहत भाजपा की रणनीति का केंद्र संगठन का विस्तार, सामाजिक समूहों से संवाद, पुराने कार्यकर्ताओं की सक्रियता और बूथ स्तर पर नियमित संपर्क है।