पीतल और हस्तशिल्प कारोबार के लिए मशहूर मुरादाबाद के निर्यातकों के लिए अब विदेशी खरीदार की साख जांचना कारोबार का अहम हिस्सा बन गया है। एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी ईसीजीसी ने एक अक्तूबर 2026 से नई देश जोखिम सूची लागू की है।
इस सूची में अमेरिका को ए1 श्रेणी में रखा गया है, जहां जोखिम नगण्य माना जाता है। वहीं रूस को बी2 श्रेणी में डाला गया है, जिसमें जोखिम मध्यम स्तर का होता है। रूस को सीमित बीमा सुरक्षा वाले समूह एक में भी शामिल किया गया है
निर्यात संवर्धन परिषद ईपीसीएच के अनुसार मुरादाबाद से अमेरिका को हर साल करीब 4000 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पाद भेजे जाते हैं। इनमें पीतल, लोहे और एल्युमिनियम की सजावटी वस्तुएं, घरेलू सजावट का सामान, बर्तन और मोमबत्ती सजावट की वस्तुएं शामिल हैं। अमेरिका का ए1 श्रेणी में आना निर्यातकों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
यंग एंटरप्रेन्योर्स सोसायटी के अध्यक्ष जेपी सिंह ने कहा कि नए खरीदारों के मामले में फिर भी सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने बताया कि ईसीजीसी की खरीदार आधारित बीमा योजनाओं में व्यावसायिक जोखिमों के लिए सुरक्षा का प्रावधान है। सिंह के मुताबिक इन योजनाओं के तहत सुरक्षा 90 प्रतिशत तक हो सकती है। उन्होंने सलाह दी कि नए अमेरिकी खरीदार को उधार पर माल भेजने से पहले उसकी साख और भुगतान इतिहास जांच लेना चाहिए। ईसीजीसी से मंजूर खरीदार सीमा की पुष्टि करना भी जरूरी बताया गया है।
निर्यात कर्ज पर भी बीमा सुरक्षा
विदेशी ऑर्डर पूरा करने के लिए निर्यातकों को अक्सर बैंकों से कर्ज लेना पड़ता है। ईसीजीसी की बैंक संबंधी निर्यात कर्ज बीमा योजनाओं में पात्र बैंकों के जरिये दिए गए कर्ज पर भी सुरक्षा मिलती है। एक योजना में यह सुरक्षा 90 से 95 प्रतिशत तक बताई गई है, हालांकि यह शर्तों पर निर्भर करती है। निर्यातकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक से लागू ईसीजीसी सुरक्षा और उसकी शर्तों की जानकारी लें।
रूस में व्यापार पर अधिक सतर्कता की सलाह
मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ एमएचईए के अध्यक्ष नवेद उर रहमान ने बताया कि मुरादाबाद के कुल निर्यात का दो से तीन प्रतिशत कारोबार रूस में होता है। रूस को मध्यम जोखिम श्रेणी में रखे जाने के बाद वहां व्यापार करने वाले कारोबारियों को खरीदार और भुगतान व्यवस्था की अधिक सावधानी से जांच करनी होगी।
रहमान ने कहा कि रूस सीमित बीमा सुरक्षा वाले समूह एक में भी शामिल है। उन्होंने निर्यातकों को सलाह दी कि माल भेजने से पहले खरीदार की साख, भुगतान अवधि और उपलब्ध बीमा सुरक्षा की पुष्टि जरूर कर लें।