उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मूंढापांडे थाना क्षेत्र के मुड़िया भायपुर गांव में तेज रफ्तार बोलेरो ने सड़क किनारे खेल रहे पांच बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक वर्षीय चित्रा और दो वर्षीय अंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन बच्चे घायल हो गए।
यह दुर्घटना मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की शाम करीब 4:30 बजे मूंढापांडे-करनपुर मार्ग पर हुई।
ठेले से टकराने के बाद बच्चों की ओर बढ़ी बोलेरो
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, गांव में सतपाल नाम का व्यक्ति सड़क किनारे पकौड़ी का ठेला लगाता है। मंगलवार शाम उसकी मां चंपा देवी भी ठेले के पास मौजूद थीं। वहीं आसपास गांव के बच्चे खेल रहे थे।
इसी दौरान करनपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ठेले से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन ठेले को करीब 30 मीटर तक घसीटता हुआ आगे ले गया। इसके बाद बोलेरो सड़क किनारे मौजूद बच्चों को कुचलती चली गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण तुरंत बच्चों को बचाने के लिए दौड़े और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
जन्मदिन वाले दिन बुझ गई अंश की जिंदगी
इस हादसे में जान गंवाने वाले दो वर्षीय अंश का जन्मदिन 3 नवंबर को ही था। परिवार उसके जन्मदिन की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन दुर्घटना ने उत्सव को मातम में बदल दिया।
दूसरी मृत बच्ची चित्रा महज एक साल की थी। रिपोर्टों के अनुसार, चित्रा की छह वर्षीय बहन इच्छा, पांच वर्षीय महक और छह वर्षीय आयुष घायल हुए। ठेले के पास मौजूद चंपा देवी भी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गईं।
गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पकड़ा, पुलिस वाहन पर पथराव
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बोलेरो चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को भीड़ से निकालकर हिरासत में लिया।
हालांकि, जब पुलिस उसे थाने ले जाने लगी तो ग्रामीणों और महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। लोग जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस वाहन पर पथराव भी हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पुलिस ने भीड़ को हटाकर वाहन को वहां से निकाला।
पुलिस ने चालक और वाहन को कब्जे में लिया
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, बोलेरो चालक को हिरासत में लिया गया है और वाहन भी पुलिस ने कब्जे में कर लिया है। घायलों का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है तथा मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस दुर्घटना ने गांव में सड़क किनारे ठेले लगाने और बच्चों के खेलने वाले स्थानों के पास तेज रफ्तार वाहनों से पैदा होने वाले खतरे को भी उजागर किया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि चालक ने वाहन से नियंत्रण कैसे खोया और हादसे के समय उसकी गति कितनी थी।