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नर्सिंग छात्रा की मौत पर बढ़ा विवाद: कब्र से शव निकलवाकर फिरोजाबाद पहुंचे परिजन, यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप

मैनपुरी की दलित छात्रा प्रीति का शव नर्सिंग कॉलेज के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। परिजनों ने कॉलेज के प्राचार्य और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम और गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

नर्सिंग छात्रा की मौत पर बढ़ा विवाद: कब्र से शव निकलवाकर फिरोजाबाद पहुंचे परिजन, यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश में नर्सिंग की एक दलित छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। छात्रा का शव 28 अक्टूबर 2026 को फिरोजाबाद के मटसेना थाना क्षेत्र में एक निजी नर्सिंग कॉलेज के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। परिवार ने कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोगों पर यौन उत्पीड़न की कोशिश और हत्या का आरोप लगाया है।

जांच और पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों ने 31 अक्टूबर को मैनपुरी स्थित गांव में कब्र से शव निकलवाया और उसे लेकर फिरोजाबाद जिला मुख्यालय पहुंच गए। परिवार की मांग है कि शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।

रेलवे ट्रैक पर मिला था छात्रा का शव
मृतका की पहचान प्रीति के रूप में हुई है। वह मैनपुरी जिले की रहने वाली थी और फिरोजाबाद के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में GNM प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। वह कॉलेज के हॉस्टल में रहती थी।

रिपोर्टों के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह छात्रा हॉस्टल में नहीं मिली। तलाश के दौरान पुलिस को मोढ़ा कनैटा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवती का शव मिला। बाद में कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान प्रीति के रूप में की गई।

परिजनों ने शुरुआत से ही इसे सामान्य दुर्घटना या आत्महत्या मानने से इनकार किया और यौन उत्पीड़न के बाद हत्या की आशंका जताई।

कॉलेज प्राचार्य और बेटे पर गंभीर आरोप
छात्रा के भाई ने निजी नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य सुरेश चंद्र दक्ष और उनके बेटे यश दक्ष को मामले में आरोपी बनाया है। परिवार का आरोप है कि छात्रा पर अनुचित संबंध बनाने का दबाव डाला जा रहा था। परिजनों का दावा है कि उसने पहले भी इस तरह की परेशानी के बारे में परिवार को बताया था।

भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म के प्रयास और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, परिवार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और आरोपियों के दोषी होने का कोई न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

CCTV फुटेज में हॉस्टल से बाहर जाती दिखी छात्रा
पुलिस की शुरुआती जांच में कॉलेज और हॉस्टल के CCTV कैमरों की फुटेज सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में छात्रा 27 अक्टूबर की देर रात करीब 2:30 बजे हॉस्टल की दीवार पार करके अकेले बाहर जाती दिखाई देती है। हॉस्टल से रेलवे ट्रैक की दूरी लगभग 300 मीटर बताई गई है।

पुलिस रेलवे ट्रैक के आसपास के कैमरों की फुटेज और ट्रेन चालक के बयान की भी जांच कर रही है। शुरुआती पुलिस पड़ताल में छात्रा के ट्रेन की चपेट में आने की आशंका जताई गई है। हालांकि, CCTV में अकेले बाहर जाते दिखना अपने आप में मौत को आत्महत्या साबित नहीं करता। पुलिस ने यह भी बताया कि अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर परिवार को संदेह
छात्रा के शव का पहले चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। पुलिस अधिकारी का दावा है कि पोस्टमार्टम के शुरुआती निष्कर्ष परिवार के आरोपों का समर्थन नहीं करते।

लेकिन परिजन इस प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मौत की असली वजह स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष तरीके से दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर परिवार ने कब्र से शव निकलवाया और फिरोजाबाद पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।

शव लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे परिजन, पुलिस से हुई नोकझोंक
शव को कब्र से निकालकर फिरोजाबाद ले जाने के बाद जिला प्रशासन के सामने परिवार ने अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। कुछ लोगों ने सड़क रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

बाद में अधिकारियों ने परिजनों को समझाया। इसके बाद शव को वापस मैनपुरी ले जाया गया और पुलिस की निगरानी में दोबारा दफनाया गया। परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी, दोबारा पोस्टमार्टम और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

अब जांच के केंद्र में ये सवाल
पुलिस छात्रा के मोबाइल की कॉल डिटेल, CCTV फुटेज, ट्रेन चालक के बयान और पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि छात्रा हॉस्टल से बाहर क्यों गई थी, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिवार की ओर से लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल मामले में हत्या और दुष्कर्म के प्रयास की धाराओं में FIR दर्ज है। आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के अंतिम निष्कर्ष को लेकर परिवार की मांगें बनी हुई हैं।