उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा ऋतु शर्मा की मौत से परिवार और इलाके में शोक है। घटना झूंसी थाना क्षेत्र की त्रिवेणीपुरम कॉलोनी की है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर को छात्रा अपने घर में मृत मिली। शुरुआती जांच में पिता के लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। अधिकारियों का कहना है कि मौत की परिस्थितियों और समय की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
परिवार ने बताई देर रात तक पढ़ाई करने की बात
पुलिस के मुताबिक, परिवार ने बताया कि ऋतु अक्सर देर रात करीब 4 से 5 बजे तक पढ़ाई करती थी और दोपहर लगभग 2:30 बजे उठती थी। सोमवार को जब वह दोपहर 3 बजे तक कमरे से बाहर नहीं आई, तो परिजनों ने जाकर देखा। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।
पुलिस ने बताया कि मौके से एक कथित सुसाइड नोट मिला है। अधिकारी के अनुसार, उसमें NEET परीक्षा में सफल न हो पाने की आशंका और परिजनों से माफी मांगने जैसी बात लिखी थी। यह विवरण पुलिस के बयान पर आधारित है; मामले की पूरी परिस्थितियों की जांच जारी है।
NEET काउंसलिंग को लेकर रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, ऋतु को 2 नवंबर को जारी तीसरे राउंड की काउंसलिंग में सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट आवंटित हुई थी। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई कि उसकी मौत इससे पहले हो चुकी थी।
वहीं, पुलिस के हवाले से PTI की रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रा NEET में सफल नहीं हो पाई थी और अगले परीक्षा चक्र की तैयारी कर रही थी। इसलिए काउंसलिंग में सीट आवंटन और मौत के वास्तविक समय का घटनाक्रम अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि जांच और संबंधित रिकॉर्ड से होनी बाकी है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
DCP (सिटी) सागर जैन के अनुसार, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। छात्रा के पिता NHAI के सेवानिवृत्त इंजीनियर बताए गए हैं। पुलिस पोस्टमार्टम और अन्य जांच के जरिए मौत की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।
पढ़ाई का दबाव फिर चर्चा में
इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, किसी एक घटना के पीछे का कारण केवल पढ़ाई का दबाव मान लेना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही परिस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।