गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार को जननायक एक्सप्रेस से राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने 6.078 किलोग्राम चरस बरामद की। नेपाल की दो महिलाएं यह नशीली दवा पंजाब ले जा रही थीं।
डीआरआई की टीम को सूचना मिली थी कि बिहार से आने वाली ट्रेन से मादक पदार्थ की तस्करी हो रही है। इस सूचना के आधार पर स्टेशन पर गहन जांच की जा रही थी।
दोनों महिलाओं की संदिग्ध हरकत देखकर उन्हें रोका गया। पहली तलाशी में कुछ नहीं मिला। लेकिन उनके शरीर की जांच के दौरान अधिकारियों को 12 पैकेट चरस मिले।
महिलाओं ने साड़ी पहन रखी थी और घुटने के ऊपर जांघों के चारों ओर चरस के पैकेट कसकर बाँध रखे थे। फील्ड टेस्टिंग किट से काले रंग के पदार्थ की जांच की गई तो वह चरस साबित हुआ।
डीआरआई ने अनुमान लगाया कि इस चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 6 करोड़ रुपये होगी। महिलाओं को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार कर दिया गया।
इसी माह में पाँचवीं कार्रवाई
सितंबर में डीआरआई ने अब तक 11 किलोग्राम से अधिक चरस जब्त कर कुल पाँच तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन सभी का मकसद नेपाल से चरस लाकर पंजाब में बेचना था।
इन तस्करों में से दो पति-पत्नी का जोड़ा भी था और ये सभी बिहार के रहने वाले थे। डीआरआई के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई देश को नशा मुक्त बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।