खुशियों के जुलूस में अचानक मची चीख-पुकार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में टेसू-झांझी विसर्जन के दौरान रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। नसीरपुर थाना क्षेत्र के छटनपुर गांव में टेसू-झांझी की शादी की रस्म पूरी करने के बाद ग्रामीण विसर्जन के लिए निकले थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे मौजूद लोगों को टक्कर मार दी।
शुरुआती रिपोर्टों में चार लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच बताई गई है और घायलों की संख्या भी अलग-अलग रिपोर्टों में 12 से 14 तक बताई गई है।
हादसे में बच्चे और महिलाएं भी प्रभावित हुए हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
छटनपुर में टेसू-झांझी की रस्म के बाद निकले थे ग्रामीण
रविवार रात शरद पूर्णिमा के अवसर पर छटनपुर गांव में टेसू-झांझी की पारंपरिक शादी की रस्म पूरी की गई थी। इसके बाद महिला, पुरुष और बच्चे विसर्जन के लिए गांव से बाहर की ओर जा रहे थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे के आसपास ग्रामीण सड़क किनारे पूजा और विसर्जन की तैयारी में जुटे थे। इसी दौरान बटेश्वर की ओर से आई एक तेज रफ्तार कार ने वहां मौजूद लोगों को टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहली टक्कर के बाद भी कार नहीं रुकी और चालक वहां से निकलने की कोशिश करने लगा।
कार ने रास्ता बदलकर फिर लोगों को मारा
इस हादसे का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि कार पहली टक्कर के बाद मौके से निकल गई, लेकिन ग्रामीणों ने उसका पीछा शुरू कर दिया।
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने कार को पकड़ने के लिए पीछा किया। करीब 9 किलोमीटर दूर तक कार के जाने की बात सामने आई है। घेराबंदी होने पर कार वापस उसी दिशा में आई और फिर ग्रामीणों को टक्कर मारती हुई निकल गई।
इस दूसरी टक्कर के बाद घायलों की संख्या बढ़ गई और गांव में गुस्सा और तनाव दोनों बढ़ गए।
ग्रामीणों ने कार सवारों को पकड़ लिया
लगातार टक्कर मारने के बाद ग्रामीणों ने कार की घेराबंदी कर दी। इसके बाद कार में सवार लोगों को बाहर निकालकर ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और कार सवारों को भीड़ से बचाकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने कार को भी कब्जे में ले लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक वाहन में सवार चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
कार सवारों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
मृतकों में किशोरियां और युवक शामिल
बाद की रिपोर्टों में हादसे में पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। Hindustan की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों में तीन बहनें अंजली, आकांक्षा और गुन्नू, युवती दीपिका उर्फ बबली और युवक हरीश उर्फ सोनू शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की उम्र और नामों को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है। इसलिए आधिकारिक अंतिम सूची आने तक इन विवरणों में सावधानी जरूरी है।
कई घायल, कुछ की हालत गंभीर
हादसे में घायल लोगों को तत्काल शिकोहाबाद के संयुक्त चिकित्सालय और फिरोजाबाद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। गंभीर घायलों में कुछ को आगे आगरा रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार घायलों में महिलाएं, बच्चे और अन्य ग्रामीण शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में कुल घायलों की संख्या 8, जबकि बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 12 से 14 तक बताई गई है। इसलिए घायलों की अंतिम संख्या प्रशासनिक अपडेट के बाद ही स्पष्ट होगी।
नशे में होने की आशंका, पुष्टि जांच के बाद
कुछ रिपोर्टों में स्थानीय लोगों के हवाले से कार सवारों के नशे में होने की आशंका जताई गई है। हालांकि यह फिलहाल एक प्रारंभिक दावा है।
जिलाधिकारी से जुड़ी रिपोर्टों में भी चालक के शराब के नशे में होने की आशंका का उल्लेख है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद ही मानी जाएगी।
इसलिए अभी यह कहना उचित नहीं होगा कि दुर्घटना शराब के नशे में ही हुई थी।
मौके पर पहुंचा पुलिस-प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। हालात बिगड़ने के बाद कई थानों से पुलिस बल बुलाया गया। एसपी ग्रामीण, सीओ, एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे।
ग्रामीणों में इतना आक्रोश था कि उन्होंने मृतकों के शव उठाने का भी विरोध किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और स्थिति को नियंत्रित किया।
CCTV और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से खुलेगा पूरा राज
पुलिस अब घटना के CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वाहन की जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि पहली टक्कर के बाद कार किस दिशा में गई और दोबारा ग्रामीणों के बीच कैसे पहुंची।
इसके अलावा कार सवारों की मेडिकल जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा है।
टेसू-झांझी की परंपरा पर भी हादसे ने उठाए सुरक्षा सवाल
टेसू-झांझी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मनाई जाने वाली पारंपरिक लोक-सांस्कृतिक परंपरा है। इसमें टेसू-झांझी का प्रतीकात्मक विवाह और इसके बाद विसर्जन की रस्म होती है।
फिरोजाबाद की घटना ने ऐसे आयोजनों के दौरान सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सड़क पर किसी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन के लिए निकलते हैं, तब वाहनों की गति और यातायात प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
अब जांच में सबसे बड़ा सवाल—कार कैसे और क्यों बेकाबू हुई?
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र यही है कि कार चालक ने नियंत्रण क्यों खोया और पहली टक्कर के बाद वाहन रोकने के बजाय आगे क्यों बढ़ा।
अगर यह पुष्टि होती है कि कार ने जानबूझकर या लापरवाही से दोबारा लोगों को टक्कर मारी, तो मामले की कानूनी गंभीरता और बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है और किसी अंतिम निष्कर्ष से पहले सबूत जुटाए जा रहे हैं।
फिरोजाबाद का यह हादसा कई परिवारों के लिए ऐसी रात बन गया, जब टेसू-झांझी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं।