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प्रतापगढ़: पुलिस हिरासत में POCSO आरोपी ने लगाई फांसी, कोतवाल-विवेचक सस्पेंड

पट्टी कोतवाली की हवालात में मौत के बाद एसपी ने कोतवाल आनंदपाल सिंह और विवेचक ओंकार सिंह को निलंबित किया

पट्टी कोतवाली के बाहर तैनात पुलिसकर्मी, जहां आरोपी ने फांसी लगाकर जान दी

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पट्टी कोतवाली की हवालात में एक POCSO आरोपी ने फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह करीब 8 बजे हुई इस घटना के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया।

मृतक की पहचान मोलनापुर निवासी लल्लूराम के बेटे शैलेश उर्फ अर्जुन के रूप में हुई। वह उड़ैयाडीह बाजार क्षेत्र की एक 17 साल की किशोरी को अगवा करने के मामले में आरोपी था।

16 अगस्त को लापता हुई थी किशोरी

पट्टी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 16 अगस्त की रात लापता हो गई थी। अगले दिन उसके पिता ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

तीन दिन पहले पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने अर्जुन का नाम आरोपी के रूप में दर्ज किया।

अर्जुन के परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने उसे दो दिन पहले गिरफ्तार किया था। सोमवार सुबह उसने कोतवाली के अंदर ही कंबल से रस्सी बनाकर फांसी लगा ली।

मेडिकल कॉलेज ले जाने से पहले ही मौत

घटना का पता चलते ही पुलिस उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज ले गई। वहां उसे इमरजेंसी वार्ड ले जाने के बजाय ईएमओ डॉक्टर आशुतोष सिंह को बुलाकर गाड़ी में ही उसका चेकअप कराया गया।

डॉक्टर ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद उसका शव शवगृह में रखवाया गया। सूचना मिलते ही एएसपी पूर्वी आलोक कुमार और एसपी दीपक भूकर पट्टी कोतवाली पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

मौत की खबर फैलते ही सीओ सिटी आशुतोष मिश्र, शहर कोतवाल सुभाष यादव, देहात कोतवाली के एसओ संदीप तिवारी, कोहंडौर एसओ अनुपम त्रिपाठी और कई चौकी इंचार्ज भारी फोर्स के साथ मेडिकल कॉलेज से पोस्टमॉर्टम हाउस तक डटे रहे।

POCSO एक्ट के तहत हो रही थी कार्रवाई

एएसपी पूर्वी आलोक कुमार ने बताया कि पट्टी कोतवाली में दर्ज अपहरण और POCSO एक्ट के मामले में पीड़िता की बरामदगी के बाद कार्रवाई चल रही थी। उन्होंने बताया कि इसी मुकदमे के आरोपी ने सोमवार सुबह कोतवाली के शौचालय में फांसी लगा ली।

उन्होंने कहा कि शव का पोस्टमॉर्टम कराकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कोतवाल और विवेचक निलंबित

देर शाम एसपी दीपक भूकर ने इस मामले में सख्त एक्शन लिया। उन्होंने कोतवाल आनंदपाल सिंह और मुकदमे के विवेचक ओंकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। एसपी ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया दोनों की लापरवाही सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

जिलाधिकारी की ओर से इस मामले में मजिस्ट्रीयल जांच की संस्तुति की गई है।