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प्रतापगढ़: थाने में दलित युवक की मौत, परिवार ने कहा- पिटाई के बाद फांसी दिखाई गई

अपहरण मामले में पूछताछ के दौरान पट्टी कोतवाली में मिला शव, एसएचओ और विवेचक निलंबित

प्रतापगढ़ के पट्टी थाने के बाहर खड़े लोग और पुलिसकर्मी
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पट्टी कोतवाली के भीतर एक 22 वर्षीय दलित युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। युवक की पहचान अर्जुन उर्फ शैलेश के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि सोमवार को वह थाने के एक कमरे से सटे शौचालय में फंदे से लटका मिला।

युवक पर एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज था। लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि युवक उनकी 17 वर्षीय बेटी को शादी की नीयत से भगा ले गया। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं।

परिवार ने बताई अलग कहानी

युवक के परिजनों ने आरोप लगाया कि लड़की के पिता के इशारे पर पुलिस ने उसे हिरासत में यातना दी। परिवार का कहना है कि मौत के बाद फांसी का दृश्य रचा गया ताकि असली वजह छिपाई जा सके। इसी शिकायत के आधार पर पुलिसकर्मियों और लड़की के परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।

पट्टी सर्किल अधिकारी प्रदीप सिंह ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जांच से ही आरोपों की सच्चाई सामने आएगी। मामला बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।

दूसरी बार भागकर गए थे साथ

सीओ के अनुसार, यह पहला मौका नहीं था जब दोनों साथ भागे थे। पहली बार भी लड़की बरामद हुई थी और उसने कहा था कि वह अपनी मर्जी से गई थी। नाबालिग होने के कारण उसे उस समय परिजनों को सौंप दिया गया था।

दूसरी बार लड़की गाजियाबाद से बरामद की गई। पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान में उसने कहा, "मैं अपनी मर्जी से गई थी और उसके साथ रहना चाहती थी। मैं नाबालिग हूं, इसलिए कानून मुझे बालिग होने तक यह फैसला लेने की इजाजत नहीं देता।" इसके बाद युवक खुद थाने पहुंचा और दावा किया कि दोनों शादीशुदा हैं और पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं।

पूछताछ के दौरान हादसा

पुलिस के मुताबिक युवक को गिरफ्तार नहीं किया गया था। वह सोमवार को खुद थाने आया और विवेचक ओंकार सिंह उससे अपहरण मामले में पूछताछ कर रहे थे। पुलिस के अनुसार युवक को हवालात में नहीं, बल्कि एक कमरे में बैठाया गया था।

सीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि कुछ काम से बाहर गए विवेचक जब लौटे तो युवक शौचालय के रोशनदान से लगी लोहे की रॉड से लटका मिला। पुलिस के अनुसार उसने कमरे में रखे कंबल का टुकड़ा फाड़कर इस्तेमाल किया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दो अधिकारी निलंबित, जांच के आदेश

प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पट्टी थानाध्यक्ष आनंद पाल सिंह और विवेचक ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया। सीओ ने बताया कि आरोपी की निगरानी की जिम्मेदारी दोनों की थी।

पुलिस ने बताया कि थाने का सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत सुरक्षित कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की सिफारिश की है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर पोस्ट कर परिवार के आरोपों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने भी मौत को लेकर सवाल उठाए हैं और सीपीआई-एमएल ने भी हत्या की जांच की मांग की है।