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राहुल गांधी को निर्मला सीतारमण की दो-टूक: सोशल मीडिया पर चुनौती छोड़िए, SIR और EVM पर संसद में बहस कीजिए

वित्त मंत्री ने कहा कि संसद ही चर्चा का उचित मंच है और सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा EVM पर बहस के लिए विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। यह बयान राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती के बाद आया है।

राहुल गांधी को निर्मला सीतारमण की दो-टूक: सोशल मीडिया पर चुनौती छोड़िए, SIR और EVM पर संसद में बहस कीजिए
Representational image generated with AI. It does not show the actual incident.

क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 नवंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर बहस की चुनौती देने के बजाय संसद में आकर चर्चा करने की सलाह दी।

सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री से बहस के लिए जगह चुनने को कह रहे हैं, जबकि बहस का मंच पहले से मौजूद है—संसद, जहां राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं।

उन्होंने सवाल किया कि सोशल मीडिया पर चुनौती देने जैसा उत्साह संसद में बहस के दौरान क्यों नहीं दिखाया जाता।

SIR और EVM पर विशेष सत्र बुलाने की पेशकश
निर्मला सीतारमण ने अपने बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस पेशकश का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने SIR और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की बात कही थी।

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। इस प्रक्रिया में मतदाता सूची की जांच और संशोधन किया जाता है। विपक्ष इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहा है।

सीतारमण ने राहुल गांधी से कहा कि यदि उन्हें चुनावी प्रक्रिया या EVM को लेकर कोई आपत्ति है, तो वे तथ्यों और सबूतों के साथ संसद में अपनी बात रखें और सरकार के जवाब भी सुनें।

राहुल गांधी ने PM मोदी को किस मुद्दे पर दी थी चुनौती?
वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया से पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक मंच पर खुली बहस की चुनौती दी थी।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि विपक्ष को देशविरोधी बताने से जुड़े सवालों पर प्रधानमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने बहस में देश की आर्थिक स्थिति, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, अडानी मामले और कथित विदेशी संपर्कों जैसे मुद्दों को शामिल करने की बात भी कही थी।

राहुल ने सुझाव दिया था कि बहस किसी सार्वजनिक मंच पर मीडिया और युवाओं की मौजूदगी में हो।

सीतारमण ने संसद से वॉकआउट पर भी उठाए सवाल
निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही के दौरान वॉकआउट और व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई मौकों पर विपक्ष सरकार के जवाब सुनने से पहले ही सदन से बाहर चला जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में चर्चा चाहता है, तो उसे संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देनी चाहिए।

हालांकि, ये सीतारमण के राजनीतिक आरोप हैं। संसद में व्यवधान और वॉकआउट को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के अपने-अपने तर्क हैं। 

मॉक पार्लियामेंट पर भी साधा निशाना
सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित विपक्ष के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम पर भी टिप्पणी की। उन्होंने इस आयोजन को वास्तविक संसद की कार्यवाही से तुलना करते हुए तंज कसा।

यह कार्यक्रम विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर आयोजित किया गया था। सीतारमण ने सवाल उठाया कि विपक्ष को ऐसे कार्यक्रम के लिए समय मिला, लेकिन संसद में बहस के लिए वैसा उत्साह क्यों नहीं दिखता।

पीयूष गोयल ने भी राहुल गांधी पर कसा तंज
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी 2014 से खुद से ही बहस कर रहे हैं। इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

आगे क्या होगा?
अब इस राजनीतिक टकराव का अगला अहम बिंदु यह होगा कि क्या सरकार SIR और EVM पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाती है और क्या विपक्ष उसमें भाग लेने पर सहमत होता है।

यदि संसद में इस विषय पर बहस होती है, तो मतदाता सूची की शुद्धता, SIR की प्रक्रिया, EVM की विश्वसनीयता और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा हो सकती है। फिलहाल विशेष सत्र की तारीख या अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।