राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सड़क निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। हादसा सोमवार, 2 नवंबर 2026 की सुबह उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के छापोली गांव में हुआ। यहां सड़क बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही बजरी मिलाने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलते ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए
मशीन के बिजली तार से टकराते ही फैला करंट
पुलिस के अनुसार, छापोली गांव से कदमकुंड की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण किया जा रहा था। इसी दौरान बजरी मिलाने वाली मशीन का ऊपरी हिस्सा या उससे जुड़ा लोहे का पाइप हाईटेंशन लाइन से छू गया।
बिजली का करंट मशीन में फैल गया और उसके आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
आठ मजदूरों की मौत, पांच लोग घायल
इस हादसे में जान गंवाने वाले आठ लोगों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- हरिराम गुर्जर — 30 वर्ष
- मंगलचंद गुर्जर — 22 वर्ष
- कालूराम गुर्जर — 29 वर्ष
- पवन गुर्जर — 23 वर्ष
- विष्णु सैनी — 38 वर्ष
- सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी — 30 वर्ष
- मुकेश सैनी — 27 वर्ष
- फतेहचंद सैनी — 32 वर्ष
घायलों में महेंद्र, गीता देवी, संतरा देवी, गिदाराम और मंजू देवी शामिल हैं। इनमें तीन महिलाएं भी हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सड़क निर्माण की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क वन क्षेत्र से गुजरती है और स्थानीय अधिकारियों से निर्माण की अनुमति नहीं मिली थी। ग्रामीण आपसी सहयोग और चंदे से सड़क बनवा रहे थे।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुरुआती जानकारी के आधार पर बताया कि सड़क निर्माण निजी स्तर पर जनसहयोग से कराया जा रहा था। तकनीकी अधिकारियों को घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर दुख जताया और अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। ऊर्जा मंत्री ने भी कहा है कि यदि जांच में किसी विभागीय या तकनीकी लापरवाही का पता चलता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदारी तय करने और मुआवजे की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर शोक जताते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की अपील की।
पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने भी प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग उठाई है। फिलहाल जांच का मुख्य सवाल यह है कि हाईटेंशन लाइन के इतने करीब मशीन से काम कैसे कराया जा रहा था और निर्माण स्थल पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं।