समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने यह फ़ैसला उद्योग जगत से सीधा जुड़ाव बनाने के मक़सद से लिया है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस चुनाव की वजह बताई। जब उनसे पूछा गया कि पार्टी ने नथवानी को क्यों चुना, तो उनका जवाब सीधा था।
उन्होंने कहा, "मुझे खुशी इस बात की है कि एक नई पीढ़ी, नई सोच के व्यक्ति को राज्यसभा भेजने का मौका समाजवादी पार्टी को मिला है।"
अखिलेश ने आगे कहा कि आज के दौर में कई उद्योगपति सिर्फ़ कारोबार ही नहीं चला रहे, बल्कि अर्थव्यवस्था में योगदान के साथ समाज के लिए भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "इसलिए समाजवादी पार्टी ने उद्योग जगत से जुड़ने के लिए ही अपनी पार्टी से राज्यसभा का सदस्य बनाने का फ़ैसला किया है।"
रामगोपाल यादव के साथ दाखिल हुआ नामांकन
धनराज नथवानी ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के साथ सुबह 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के समय अखिलेश यादव भी मौजूद रहे।
रामगोपाल यादव अखिलेश यादव के चाचा हैं और उनका राज्यसभा जाना पहले से तय माना जा रहा था। वहीं नथवानी का नाम पार्टी की तरफ़ से एक सरप्राइज़ उम्मीदवार के रूप में सामने आया।
कौन हैं धनराज नथवानी
धनराज परिमल नथवानी, राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के बेटे हैं। परिमल नथवानी रिलायंस समूह के वरिष्ठ अधिकारी हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के समर्थन से राज्यसभा पहुँचे थे।
धनराज खुद रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में निदेशक बताए जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वे गुजरात के जामनगर और वडोदरा स्थित रिलायंस की विनिर्माण इकाइयों के कामकाज की देखरेख भी करते हैं।
उन्होंने लंदन के रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार की पढ़ाई की है। पिता एनडीए समर्थित सांसद हैं और बेटे को सपा का टिकट मिलना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
तीसरे उम्मीदवार पर अभी फैसला बाकी
अखिलेश यादव ने राज्यसभा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर कहा कि इस पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि संख्या पूरी होने के बाद ही नाम घोषित किया जाएगा।
भाजपा के नेताओं से संपर्क के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि वहां भी कई लोग उनके संपर्क में हैं। उत्तर प्रदेश की कुल 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है।