मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का ब्योरा साझा किया। उन्होंने लिखा कि राज्य अब मोबाइल असेंबलिंग से आगे बढ़कर माइक्रोचिप निर्माण की दिशा में बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से HCL-Foxconn की चिप इकाई बन रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य को अब तक 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर प्रस्ताव मिल चुके हैं।
स्टार्टअप और यूनिकॉर्न की संख्या बढ़ी
योगी ने दावा किया कि प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और इनमें 8 यूनिकॉर्न शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा "मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप" तक पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, साढ़े 9 वर्षों में देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन से जोड़ा, और कहा कि डबल इंजन सरकार ने इस विजन को नीति, निवेश और उत्पादन के जरिए जमीन पर उतारा है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के "अनलिमिटेड पोटेंशियल" का उपयोग नहीं किया, बल्कि उसे "बीमारू" राज्य बनाए रखा।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, जबकि परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती रहती थीं। योगी ने लिखा, "तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।"
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार की चिंता प्रदेश से ज्यादा परिवार की और निवेशक से ज्यादा अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे बन सकता है।
डेटा सेंटर से AI सिटी तक की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने प्राथमिकताएं बदलीं। उन्होंने कहा कि परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह तकनीक पर जोर दिया गया।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ने से डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी, और अब उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से लेकर AI सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि AI-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश कभी तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है।
HCL टेक के 10 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में HCL टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में वे खुद शामिल होंगे। इस मौके पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी किया जाएगा।
उन्होंने इसे 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प से जोड़ते हुए 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान बताया।